Дилами девонаи гашт аз тоби занҷир
دلم دیوانه گشت از تاب زنجیر
Танами бгдохти зини зиндони дилгир
تنم بگداخت زین زندان دلگیر
На шаби маи байнам ва на рӯзи хуршед
نه شب مه بینم و نه روز خورشید
На бар ман май вазади бодӣ ба шабгир
نه بر من می وزد بادی به شبگیر
Забунам кард айёми табаи кор
زبونم کرد ایام تبه کار
Табоҳам кард гардуни забуни гир
تباهم کرد گردون زبون گیر
Серум шуд дар баҳори умри пари барф
سرم شد در بهار عمر پر برف
Дили ман дар ҷавонӣ зуд шуд пер
دل من در جوانی زود شد پیر
Дарунам шуд зи дасти даҳри пари дард
درونم شد ز دست دهر پر درد
Равонам шуд зи шасти чархи пуртир
روانم شد ز شست چرخ پرتیر
Чу бетадбирам акнӯнам чаҳ чора
چو بی تدبیرم اکنونم چه چاره
Чу бечора шудам акнӯн чаҳ тадбир
چو بیچاره شدم اکنون چه تدبیر
Маро дар ҳабси айшӣ даст дода сет
مرا در حبس عیشی دست داده ست
зи ёр ва раваду ҷому нағмаи зер
ز یار و رود و جام و نغمه زیر
Ҳарифам гиря омад ҷом май ашк
حریفم گریه آمد جام می اشک
Сурӯдам нола равад овози занҷир
سرودم ناله رود آواز زنجیر
Нҷстм бо касе дар кӣнаи пешӣ
نجستم با کسی در کینه پیشی
Накардам бо касе дар меҳри тақсир
نکردم با کسی در مهر تقصیر
Ба ҷои шер меҳрам дод доя
به جای شیر مهرم داد دایه
Ки бо ман меҳр шуд чун бо шукри шер
که با من مهر شد چون با شکر شیر
Ба қадари худ вафо бо ҳар ки кардам
به قدر خود وفا با هر که کردم
Мукофотам ҷафо омад зи тақдир
مکافاتم جفا آمد ز تقدیر
Чаҳ афтод эй рафиқони мари шумо ро
چه افتاد ای رفیقان مر شما را
Ки шуд якборатони ёди ман аз вир
که شد یکبارتان یاد من از ویر
Ба ҳам мушфиқ таранд аз одамизод
به هم مشفق ترند از آدمیزاد
Ба дарёи моҳӣ ва дар кӯҳи нахҷӣр
به دریا ماهی و در کوه نخجیر