Дилам ниҳон шуд ва шуд офияти ниҳон аз дил

دلم نهان شد و شد عافیت نهان از دل

Ҳалоки ҷон ман омад дилами фиғон аз дил

هلاک جان من آمد دلم فغان از دل

Ба чини зулфи ту дар мдтист то гум шуд

به چین زلف تو در مدتیست تا گم شد

Даҳони танг туам медиҳад нишон аз дил

دهان تنگ توام می دهد نشان از دل

Фурушад аз паии ту дам ба дард ва рафт ба ғам

فروشد از پی تو دم به درد و رفت به غم

Баромад аз ғами ту дили зи ҷону ҷон аз дил

برآمد از غم تو دل ز جان و جان از دل

Чаҳ таъна буд ки бар дил наомад он аз ман

چه طعنه بود که بر دل نیامد آن از من

Чаҳ ҷавр монад ки бар ман наомад он аз дил

چه جور ماند که بر من نیامد آن از دل

Забонаи гашти забон дар даҳони зи сӯзи дилам

زبانه گشت زبان در دهان ز سوز دلم

Балӣ ҳамеша ҳикоят кунад забон аз дил

بلی همیشه حکایت کند زبان از دل

Дареғ каз даҳани душман ошкоро шуд

دریغ کز دهن دشمن آشکارا شد

Ҳадиси дӯст ки май доштами ниҳон аз дил

حدیث دوست که می داشتم نهان از دل

Ба шарҳи ҳоли дили худ чаҳ ҳоҷатаст маро

به شرح حال دل خود چه حاجت است مرا

Ки хӯни дида хабар медиҳад аён аз дил

که خون دیده خبر می دهد عیان از دل

Сабурии ман бечора ихтиёрӣ нест

صبوری من بیچاره اختیاری نیست

Чаҳ чора чун зғми ишқ растгорӣ нест

چه چاره چون زغم عشق رستگاری نیست

Брондм аз ғами ҳиҷри ту хӯни ноб аз чашм

براندم از غم هجر تو خون ناب از چشم

Марои зи фурқат рӯят бирафт хоб аз чашм

مرا ز فرقت رویت برفت خواب از چشم

Дилам бар оташи ҳиҷрати кабоби гашт ва кунун

دلم بر آتش هجرت کباب گشت و کنون

Ҳаме барояд хунобаи кабоб аз чашм

همی برآید خونابه کباب از چشم

Мапуаш чеҳра ва бар банда рўзтираҳ макун

مپوش چهره و بر بنده روزتیره مکن

Ки рӯз тира шавад чун шуд офтоб аз чашм

که روز تیره شود چون شد آفتاب از چشم

Ба чашми ман чу дар омад ақиқи ту пас азон

به چشم من چو در آمد عقیق تو پس ازان

Ҳақиқатам ки биФтоди лаъли ноб аз чашм

حقیقتم که بیفتاد لعل ناب از چشم

На зоби чашм ман ояд халал дар оташи дил

نه زآب چشم من آید خلل در آتش دل

На низам оташ дил боздорад об аз чашм

نه نیزم آتش دل بازدارد آب از چشم

Агар ба сайли банноҳо ҳаме хароб шавад

اگر به سیل بناها همی خراب شود

Баннои колбуд ман шавад хароб аз чашм

بنای کالبد من شود خراب از چشم

Бишуд з карда чашму дилами қарор аз ҷон

بشد ز کرده چشم و دلم قرار از جان

براردами ғами ин ҳар давони дамор аз ҷон

برآردم غم این هر دوان دمار از جان

Бишуд маро ба умеди ту рӯзгор аз даст

بشد مرا به امید تو روزگار از دست

Бидодам аз паии васли ту кору бор аз даст

بدادم از پی وصل تو کار و بار از دست

Манам фитодаи пои ғами ту дастами гир

منم فتاده پای غم تو دستم گیر

Макун ситеза ва ин саркашӣ бидор аз даст

مکن ستیزه و این سرکشی بدار از دست

зи дасти ман ба ҷавонӣ машав нгорино

ز دست من به جوانی مشو نگارینا

Ки беҷавонӣ ноед накӯнигор аз даст

که بی جوانی ناید نکو نگار از دست

зи сайли дидаи танамро гузашти об аз сар

ز سیل دیده تنم را گذشت آب از سر

зи сӯзи синаи диламро бирафт кор аз даст

ز سوز سینه دلم را برفت کار از دست

Марои замонаи ҳам ин хор баркашад аз пой

مرا زمانه هم این خار برکشد از پای

Гарм Аннан накушуд умри пойдор аз даст

گرم عنان نکشد عمر پایدار از دست

зи дасти зулми ту фардои нигар ки нагузорам

ز دست ظلم تو فردا نگر که نگذارم

Аннани сафдару сардори рӯзгор аз даст

عنان صفدر و سردار روزگار از دست

Муайяни малику шаҳаншоҳу шаҳриёри ҷаҳон

معین ملک و شهنشاه و شهریار جهان

Ки ихтиёр худоӣасту ифтихори ҷаҳон

که اختیار خدای است و افتخار جهان

Замонаи давр ҷавонӣ гирифт боз аз сар

زمانه دور جوانی گرفت باز از سر

Замин дигар кунад оғози кашфи роз аз сар

زمین دگر کند آغاز کشف راز از سر

Фиғони булбули сармаст зон з ҳад бигузашт

فغان بلبل سرمست زان ز حد بگذشت

Ки ғунча менаниҳад саркашӣу ноз аз сар

که غنچه می ننهد سرکشی و ناز از سر

Гирифт боди сабои расми муъаддилат бар даст

گرفت باد صبا رسم معدلت بر دست

Ниҳоди лашкари даии шӯру шар ва тоз азср

نهاد لشکر دی شور و شر و تاز ازسر

Кашид боғи қабои зумуррадӣ дар бар

کشید باغ قبای زمردی در بر

Чу ки кулоҳи ҳўосли ниҳоди боз аз сар

چو که کلاه حواصل نهاد باز از سر

Фиканд дар чамани овозаи қомати бути ман

فکند در چمن آوازه قامت بت من

Гирифт қомати сарви сеӣ намоз аз сар

گرفت قامت سرو سهی نماز از سر

Чу оби шеъри марои дӯш дар чамани булбул

چو آب شعر مرا دوش در چمن بلبل

Бихонад мадҳи сипаҳдори сарфарози сар

بخواند مدح سپهدار سرفراز سر

Улувва ҳиммат ӯ чархро ҳақиқат шуд

علو همت او چرخ را حقیقت شد

Ниҳоди лоҷарами он нихвату муҷоз аз сар

نهاد لاجرم آن نخوت و مجاز از سر

Хдиўи малики карами шаҳриёри кишвари ҷӯад

خدیو ملک کرم شهریار کشور جود

Ки ҳаст номи ҳумоюнаши сиккаи зари ҷӯад

که هست نام همایونش سکه زر جود

Зиҳии худои турои умр ҷовдон дода

زهی خدای ترا عمر جاودان داده

Сипеҳри пери турои давлатӣ ҷавон дода

سپهر پیر ترا دولتی جوان داده

Ба рӯзи базми каф чун саҳоби ту ба сахо

به روز بزم کف چون سحاب تو به سخا

Қафоӣ баҳр зада гӯшмол кон дода

قفای بحر زده گوشمال کان داده

Ба гоҳи разми лаби теғи обдори ту хасм

به گاه رزم لب تیغ آبدار تو خصم

Ҳазор бори ббўсидаҳи хок ва ҷон дода

هزار بار ببوسیده خاک و جان داده

Латофати ту ба эъҷози халқи гоҳи сухан

لطافت تو به اعجاز خلق گاه سخن

Чу исо аз дами худ мурдаро равон дода

چو عیسی از دم خود مرده را روان داده

Сиёсати ту ба ҳангоми кини зи каллаи хасм

سیاست تو به هنگام کین ز کله خصم

эйро ба сари найза устихон дода

همای را به سر نیزه استخوان داده

Ба ҷанги ханҷари нилӯфарятро нусрат

به جنگ خنجر نیلوفریت را نصرت

зи хӯни гарми адуи ранг арғавон дода

ز خون گرم عدو رنگ ارغوان داده

Дабири чархи зи девони умри рӯзи қазо

دبیر چرخ ز دیوان عمر روز قضا

Бароти умри ҳасуди ту зон ҷаҳон дода

برات عمر حسود تو زان جهان داده

Зиҳии замонаи гирифтаи баҳоу зеб аз ту

زهی زمانه گرفته بها و زیب از تو

Чу бахту давлату иқболи ношикеб аз ту

چو بخت و دولت و اقبال ناشکیب از تو

Тўӣӣ ки бахти ту дар даҳр комкорӣ кард

توئی که بخت تو در دهر کامکاری کرد

Тўӣӣ ки дар ҳамаи карти худоӣ ёрӣ кард

توئی که در همه کارت خدای یاری کرد

Сипеҳр дар паии амри ту раҳ ба сари паймӯд

سپهر در پی امر تو ره به سر پیمود

Замона бар дар ҳукми ту ҷонспорӣ кард

زمانه بر در حکم تو جانسپاری کرد

Ба хокбўс дарат рағбатӣ намӯд малик

به خاکبوس درت رغبتی نمود ملک

Қазоаш гуфт ту он прдлӣ наёрӣ кард

قضاش گفت تو آن پردلی نیاری کرد

Тавозуъи ту бад-ӣни орзӯаш рухсат дод

تواضع تو بدین آرزوش رخصت داد

Ки то бидонади борӣ ки бурдборӣ кард

که تا بداند باری که بردباری کرد

Палангро асари адли ту бар он багумошт

پلنگ را اثر عدل تو بر آن بگماشت

Ки шер дар даҳани Ғарм марғзорӣ кард

که شیر در دهن غرم مرغزاری کرد

Ба ҳар тарафи паии эҳсони ту чунон раҳи барад

به هر طرف پی احسان تو چنان ره برد

Ки бози доягии Кебек кӯҳсорӣ кард

که باز دایگی کبک کوهساری کرد

Зиҳӣ ба фари ту оростаи замону замин

زهی به فر تو آراسته زمان و زمین

Турост дасти таҳаккум бар осмону замин

تراست دست تحکم بر آسمان و زمین

Касе ки дар кнФи соя худо бошад

کسی که در کنف سایه خدا باشد

Ҳамеша бар ҳамаи мақсӯд подшо бошад

همیشه بر همه مقصود پادشا باشد

Турост ин ҳамаи иқбол ва бошад он кас ро

تراست این همه اقبال و باشد آن کس را

Ки баркашидау бгзидаҳ худо бошад

که برکشیده و بگزیده خدا باشد

Дарат чу бар рухи хоҳандагон кушода шавад

درت چو بر رخ خواهندگان گشاده شود

Срирш аз карами аҳло ва марҳабо бошад

صریرش از کرم اهلا و مرحبا باشد

Ба маҷлисӣ ки зи халқи хушат сухан ронанд

به مجلسی که ز خلق خوشت سخن رانند

Ҳадиси машки хто гар равад хато бошад

حدیث مشک ختا گر رود خطا باشد

Мулӯкро зи ту ташрифҳост худ чаҳ шавад

ملوک را ز تو تشریف هاست خود چه شود

Ки вақти навбати ташрифи ин гадо бошад

که وقت نوبت تشریف این گدا باشد

Бад-ӣни мутоябаи муҷрими ним ки бо чу тўӣӣ

بدین مطایبه مجرم نیم که با چو توئی

Ба мазҳаби зурафои ӣнқадар раво бошад

به مذهب ظرفا اینقدر روا باشد

Рабиъи умри ту бодои чунонкӣ то сад сол

ربیع عمر تو بادا چنانکه تا صد سال

Дарахти давлату умри ту дар намо бошад

درخت دولت و عمر تو در نما باشد