Ҷонои ҳадиси ишқ чаҳ гӯйӣ куҷо расад

جانا حدیث عشق چه گویی کجا رسد

Оё буд ки навбати васлат ба мо расад ?

آیا بود که نوبت وصلت به ما رسد؟

То ман кӣм ки софӣ васлат кунам тамаъ

تا من کیم که صافی وصلت کنم طمع

Инам на бас ки дардии дардат ба мо расад ?

اینم نه بس که دُردیِ دَردت به ما رسد؟

Хок дарат ба дида расад бегазоф нест

خاک درت به دیده رسد بی گزاف نیست

Ҳаргизи чунон сазо ба чунин носазо расад

هرگز چنان سزا به چنین ناسزا رسد

Ранҷат ба дил расед дареғ эй санами дареғ

رنجت به دل رسید دریغ ای صنم دریغ

Ранҷи ту ҷуз ба ҷони азизам чаро расад

رنج تو جز به جان عزیزم چرا رسد

Алҳақ расед ончӣ расед , аз ҳаво ба ман

الحق رسید آنچه رسید، از هوا به من

Оре ба мардум ончӣ расад , аз ҳаво расад

آری به مردم آنچه رسد، از هوا رسد

Пуштами ду то шудаи сет ва ҳамм нест рӯй онк

پشتم دو تا شده‌ست و همم نیست روی آنک

Дастам яке бидон сари зулфи ду то расад

دستم یکی بدان سر زلف دو تا رسد

Рӯем чу каҳрабо шуд ва ҳар соъатами зи ҷазаъ

رویم چو کهربا شد و هر ساعتم ز جزع

Ваа шох басадаст ки бар каҳрабо расад

وه شاخ بسد است که بر کهربا رسد

Ҷонам чу шамъ дар шаби ҳиҷрон ба лаб расед

جانم چو شمع در شب هجران به لب رسید

Чун нест рӯзи васли ту , бигзор то расад

چون نیست روز وصل تو، بگذار تا رسد

Гар сад ҳазор пора кунанд ин дили маро

گر صد هزار پاره کنند این دل مرا

Ҳар пораро зи ранҷи ту дардӣ ҷудо расад

هر پاره را ز رنج تو دردی جدا رسد

Бегонагар ҳазор буд ошнои яке

بیگانه گر هزار بود آشنا یکی

Тират ба иттифоқ бар он ошно расад

تیرت به اتفاق بر آن آشنا رسد

Мулкӣаст хизмати туу халқяши мунтазир

ملکی است خدمت تو و خلقیش منتظر

Ин кор давлатаст кунун то кро расад

این کار دولت است کنون تا کرا رسد

Бишинав ҳадиси ман ки басии қсҳои зор

بشنو حدیث من که بسی قصهای زار

Аз оҷизон ба боргаҳ подшо расад

از عاجزان به بارگه پادشا رسد

ё ҷаҳд кун ки ҷони зи тани мондаи бугсалад

یا جهد کن که جان ز تن مانده بگسلد

ё саъй кун ки дил ба ман хаста во расад

یا سعی کن که دل به من خسته وا رسد

Даст аз ҷафо бидор ва биандеш зонка зуд

دست از جفا بدار و بیندیش زانکه زود

Ранҷи дили ҷафои ман андар ҷафо расад

رنج دل جفای من اندر جفا رسد

Тарсами хаҷали шӯй ки садои ҷафои ту

ترسم خجل شوی که صدای جفای تو

Аз мо ба Сайиди аҷал мҷтбо расад

از ما به سید اجل مجتبا رسد

Фархундаи фахри давлату дайни зайди бен ҳасан

فرخنده فخر دولت و دین زید بن حسن

Каз лафз ӯ ба гӯши аҳл марҳабо расад

کز لفظ او به گوش اهل مرحبا رسد

Домани зиришки сунбулу гул дар чанд сабо расад

دامن زرشک سنبل و گل در چند صبا رسد

Гар буии халқ ӯ ба машом сабо расад

گر بوی خلق او به مشام صبا رسد

Сар дар нишеби хизматаши оради сӯии замин

سر در نشیب خدمتش آرد سوی زمین

Ҳар рӯзи коФтоби бўст алсмо расад

هر روز کافتاب بوسط السما رسد

эй онкии чашми анҷум равшан шавад агар

ای آنکه چشم انجم روشن شود اگر

Аз хокпои ту ба фалак тўтё расад

از خاکپای تو به فلک توتیا رسد

Аз боғи хулди бахшиш ва бахшоишат гуласт

از باغ خلد بخشش و بخشایشت گلست

Ҳар дами насими он ба ато ва хато расад

هر دم نسیم آن به عطا و خطا رسد

Аз шарм гуфт об шуда бар замин фитад

از شرم گفت آب شده بر زمین فتد

Ҳар абри оташӣ ки ба авҷ само расад

هر ابر آتشی که به اوج سما رسد

Бошад сипеди кории абри сияҳи гилӣм

باشد سپید کاری ابر سیه گلیم

Дар аҳд чун тўӣиш чаҳ лоф сахо расад

در عهد چون توئیش چه لاف سخا رسد

Хуршеди зард рӯй чунон каз ҷафо шуда аст

خورشید زرد روی چنان کز جفا شده است

Кўро дар ин замонаи ҳадис ато расад

کورا در این زمانه حدیث عطا رسد

Овозае зи мавҷи кафат дар фалак фитод

آوازه ای ز موج کفت در فلک فتاد

Ояд хурӯши аб чу бар Асия расад

آید خروش اب چو بر آسیا رسد

Ту баси баланд қадре ва ман баси баланди шеър

تو بس بلند قدری و من بس بلند شعر

Дар чун тўӣӣ ҳар оинаи чунин сано расад

در چون توئی هر آینه چونین ثنا رسد

Не не бидон маҳал ки ту соҳиби расида Эй

نی نی بدان محل که تو صاحب رسیده ای

Гӯи фии алмисли ду асба буд кӣ дуо расад

گو فی المثل دو اسبه بود کی دعا رسد

Бар нави арӯси мадҳи ту бастами азизи дор

بر نو عروس مدح تو بستم عزیز دار

Пероя эй ки аз садаф мртзо расад

پیرایه ای که از صدف مرتضا رسد

Дар дасти номи нек ту додам бузурги дор

در دست نام نیک تو دادم بزرگ دار

Нави боўаҳ эй ки аз чаман мстФо расад

نو باوه ای که از چمن مصطفا رسد

Ҷон ва дилӣ кашидам дар ақди гавҳартар

جان و دلی کشیدم در عقد گوهرتر

Корзд ба ҷону дил чу ба вақт баҳо расад

کارزد به جان و دل چو به وقت بها رسد

Маъзӯри дору айби мгир ва қабул кун

معذور دار و عیب مگیر و قبول کن

Ин тӯҳфа чун бсдри бузургат фаро расад

این تحفه چون بصدر بزرگت فرا رسد

Дар навбатӣ ки аҳли карам чун тўӣӣ буд

در نوبتی که اهل کرم چون توئی بود

Пайдо буд ки ҳиммати мо то куҷо расад

پیدا بود که همت ما تا کجا رسد

Чндонкаҳ мадҳ хонд булбул ба таҳният

چندانکه مدح خواند بلبل به تهنیت

Чун гул ба тоҷу тахту кулоҳ ва қабо расад

چون گل به تاج و تخت و کلاه و قبا رسد

Поянда бош то зи гулу булбули тараб

پاینده باش تا ز گل و بلبل طرب

Доим ба чашму гӯши ту барг ва наво расад

دایم به چشم و گوش تو برگ و نوا رسد

Фарзанди неки бахти азизи ту тоҷи дайн

فرزند نیک بخت عزیز تو تاج دین

Дар аҳди ту ба давлат бемунтаҳо расад

در عهد تو به دولت بی منتها رسد