эй гавҳари мутаҳҳари мардӣу мардумӣ

ای گوهر مطهر مردی و مردمی

Асли ту кони гавҳари мардӣу мардумӣ

اصل تو کان گوهر مردی و مردمی

Дар ҷангу сулҳи рустами майдону маҷлисӣ

در جنگ و صلح رستم میدان و مجلسی

Дар кину меҳри ҳайдари мардӣу мардумӣ

در کین و مهر حیدر مردی و مردمی

Дорад дили ту нури зи имону маърифат

دارد دل تو نور ز ایمان و معرفت

Боради лаби ту шукри мардӣу мардумӣ

بارد لب تو شکر مردی و مردمی

Неку бадат мувофиқ ҳастӣу нестӣ

نیک و بدت موافق هستی و نیستی

Ҷону дилати мусаххари мардӣу мардумӣ

جان و دلت مسخر مردی و مردمی

Қадари ту чархи аъзами афлок ва анҷум аст

قدر تو چرخ اعظم افلاک و انجم است

Раъии ту саъди Акбари мардӣу мардумӣ

رأی تو سعد اکبر مردی و مردمی

Саъд аз ту гашти толеъи ноҳиду муштарӣ

سعد از تو گشت طالع ناهید و مشتری

Ҷон аз ту ёфт пайкари мардӣу мардумӣ

جان از تو یافت پیکر مردی و مردمی

Бесоқау талиъаи банду кушоди ту

بی ساقه و طلیعه بند و گشاد تو

Гардӣ накард лашкари мардӣу мардумӣ

گردی نکرد لشکر مردی و مردمی

Дар базму разм шукр бихандед ва хӯн гирист

در بزم و رزم شکر بخندید و خون گریست

Пеши ту ҷому ханҷари мардӣу мардумӣ

پیش تو جام و خنجر مردی و مردمی

Дар қабза ва бенон ту бодо бар амр ва наҳй

در قبضه و بنان تو بادا بر امر و نهی

Доими ҳисому соғари мардӣу мардумӣ

دایم حسام و ساغر مردی و مردمی

Чарх ар зи субҳи содиқ дар пеши офтоб

چرخ ار ز صبح صادق در پیش آفتاب

Пурсад ки кист ёвари мардӣу мардумӣ

پرسد که کیست یاور مردی و مردمی

Гуяд ҷалоли дунёи Маҳмӯди хон ки ҳаст

گوید جلال دنیا محمود خان که هست

Бар чархи малики меҳвари мардӣу мардумӣ

بر چرخ ملک محور مردی و مردمی

эй сояи саодати дунёу охират

ای سایه سعادت دنیا و آخرت

Ваии мӯъҷизи паямбари мардӣу мардумӣ

وی معجز پیمبر مردی و مردمی

эй он Уторидӣ ки нзибд ба иттифоқ

ای آن عطاردی که نزیبد به اتفاق

Бурҷи ту ҷузи ду пайкари мардӣу мардумӣ

برج تو جز دو پیکر مردی و مردمی

Алқоби олии ту трозист бар куҷо

القاب عالی تو طرازیست بر کجا

Брроити Музаффари мардӣу мардумӣ

بررایت مظفر مردی و مردمی

Ҳоҷат чу сояи гашти ниҳон то чу офтоб

حاجت چو سایه گشت نهان تا چو آفتاب

Пайдо шудӣ зи ховари мардӣу мардумӣ

پیدا شدی ز خاور مردی و مردمی

Гар толеъат набӯдӣ аз раҷъату вабол

گر طالعت نبودی از رجعت و وبال

Ҳаргизи нрстии ахтари мардӣу мардумӣ

هرگز نرستی اختر مردی و مردمی

Ҷом май барии зи хасму ҷаҳон май диҳӣ ба дӯст

جام می بری ز خصم و جهان می دهی به دوست

Вена ҳар ду ҳаст дар хури мардӣу мардумӣ

وین هر دو هست در خور مردی و مردمی

Қудрати нъўзболлаҳ агар саркашӣ кунад

قدرت نعوذبالله اگر سرکشی کند

Отил бимонад афсари мардӣу мардумӣ

عاطل بماند افسر مردی و مردمی

Шуд мардумӣу мардӣ дар аҳди мо ғариб

شد مردمی و مردی در عهد ما غریب

Май дори даст бар сари мардӣу мардумӣ

می دار دست بر سر مردی و مردمی

Ёрб чу халқу халқи ту ҳаргизи гулии шкФт

یارب چو خلق و خلق تو هرگز گلی شکفت

Аз гулбуни муаттари мардӣу мардумӣ

از گلبن معطر مردی و مردمی

Омад падеди нақши ту ҳргаҳ ки доштанд

آمد پدید نقش تو هرگه که داشتند

Ойӣна дар баробари мардӣу мардумӣ

آیینه در برابر مردی و مردمی

Гар нави арӯси бахти ту дар ҷилваи нестӣ

گر نو عروس بخت تو در جلوه نیستی

Ҳастӣ гусастаи зевару мардӣу мардумӣ

هستی گسسته زیور و مردی و مردمی

Рӯзӣ ки даҳр хутба кунад ҷуз ба номи ту

روزی که دهر خطبه کند جز به نام تو

Бодои шикастаи минбари мардӣу мардумӣ

بادا شکسته منبر مردی و مردمی

Чндонкаҳ дар ҷаҳони з Сикандар кунанд ёд

چندانکه در جهان ز سکندر کنند یاد

эй подшоҳи кишвари мардӣу мардумӣ

ای پادشاه کشور مردی و مردمی

Май бар каф чу баҳри ту оби ҳаёти бод

می بر کف چو بحر تو آب حیات باد

эй ростии Сикандари мардӣу мардумӣ

ای راستی سکندر مردی و مردمی