Миҷмари меҳри сӯхт чун авдам

مجمر مهر سوخت چون عودم

Чанбар моҳ тофт чун расанам

چنبر ماه تافت چون رسنم

Ҳам зи меҳнат чу кӯҳ шуд ҷонам

هم ز محنت چو کوه شد جانم

Ҳам зи коҳиш чу коҳи гашти танам

هم ز کاهش چو کاه گشت تنم

Тӯшаи не ки он диҳад қӯтам

توشه نی که آن دهد قوتم

Гӯшаи не ки он буд скнм

گوشه نی که آن بود سکنم

Ҳарчӣ оварад рӯз шуд рӯзем

هرچه آورد روز شد روزیم

Ҳар куҷо шаб расед шуд ватанам

هر کجا شب رسید شد وطنم

Ошно карданаст рафторам

آشنا کردن است رفتارم

Кӯҳ бар канданаст дам заданам

کوه بر کندنست دم زدنم

Дам занад дар миёни раҳи сад ҷой

دم زند در میان ره صد جای

То зи хотир ба лаб расад суханам

تا ز خاطر به لب رسد سخنم

Фитнаи рӯзгори ман ин аст

فتنه روزگار من این است

Ки дар ин рӯзгори пари Фтнм

که در این روزگار پر فتنم