Моҳаш аз шаби ниқоб май бандад

ماهش از شب نقاب می بندد

Абр бар офтоб май бандад

ابر بر آفتاب می بندد

Ҳам гунаҳи пеши тавба май орад

هم گنه پیش توبه می آرد

Ҳам хато бар савоб май бандад

هم خطا بر ثواب می بندد

Хӯбӣ бевафоу бади аҳдаш

خوبی بی وفا و بد عهدش

Рахти сабза бар об май бандад

رخت سبزه بر آب می بندد

Руху оризи магар ки пиндорӣ

رخ و عارض مگر که پنداری

Нақши гули моҳтоб май бандад

نقش گل ماهتاب می بندد

Чашм бандӣ бибин ки хуши хуфта

چشم بندی ببین که خوش خفته

Чашми ҷодӯаши хоб май бандад

چشم جادوش خواب می بندد

Ҷони з дастон намесетанд боз

جان ز دستان نمی ستاند باز

Чун ба бӯсаи ҷаноб май бандад

چون به بوسه جناب می بندد

Хат ӯ ҳамчуи хомаи соҳиб

خط او همچو خامه صاحب

Шабаҳ дар дрноб май бандад

شبه در درناب می بندد

Орзӯии дил ва ду дидаи ман

آرزوی دل و دو دیده من

Оби теғи зафари ҳусайну ҳасан

آب تیغ ظفر حسین و حسن

Ёрам аз дил сарой напасандад

یارم از دل سرای نپسندد

Дидаро такя ҷой напасандад

دیده را تکیه جای نپسندد

Нақши худро ки оина талаб аст

نقش خود را که آینه طلب است

Ҷом гетӣ намой напасандад

جام گیتی نمای نپسندد

Гӯшмолам диҳад чу барбат лек

گوشمالم دهد چو بربط لیک

Гар бинолам чу ноӣ напасандад

گر بنالم چو نای نپسندد

Бандаи озорад ва наяндешад

بنده آزارد و نیندیشد

Кини чунинҳо худоӣ напасандад

کین چنینها خدای نپسندد

Дили азуи ғам писанд шуд дил кист

دل ازو غم پسند شد دل کیست

Ки зтоўс пой напасандад

که زطاوس پای نپسندد

Ончунон рӯй хубу сирати зишт

آنچنان روی خوب و سیرت زشت

Садри фархунда рой напасандад

صدر فرخنده رای نپسندد

Орзӯии дил ва ду дидаи ман

آرزوی دل و دو دیده من

Оби теғи зафари ҳусайни ҳасан

آب تیغ ظفر حسین حسن

Онкии симурғ дар ҷаҳони орад

آنکه سیمرغ در جهان آرد

Ба мисли рӯй агар бидон орад

به مثل روی اگر بدان آرد

Гар бихоҳад зончаҳи пеш ман аст

گر بخواهد زآنچه پیش من است

Ва ҳам ҷосус ӯ нишони орад

و هم جاسوس او نشان آرد

Зрўи гавҳар барои бахшиш ӯ

زرو گوهر برای بخشش او

Камари кӯҳ дар миёни орад

کمر کوه در میان آرد

Ҷони чгўиди санои симбрш

جان چگوید ثنای سیمبرش

Дил чу шамшери брзбони орад

دل چو شمشیر برزبان آرد

Тир ӯ чун кунад навид рӯй

تیر او چون کند نوید روی

Фатҳи дрхонаҳи камони орад

فتح درخانه کمان آرد

Зон каманди ҳилол хам нигарад

زان کمند هلال خم نگرد

Хами дигар дар осмони орад

خم دیگر در آسمان آرد

Меҳр ӯ варз зонка кӣна ӯ

مهر او ورز زانکه کینه او

Ҳар крои даии дамад ба ҷони орад

هر کرا دی دمد به جان آرد

Орзӯии дил ва ду дидаи ман

آرزوی دل و دو دیده من

Оби теғи зафари ҳусайну ҳасан

آب تیغ ظفر حسین و حسن

эй зи лашкари кашӣ чу моҳ шуда

ای ز لشکر کشی چو ماه شده

Азми ту раҳбари сипоҳ шуда

عزم تو رهبر سپاه شده

Пеши тахти Сикандари ойинат

پیش تخت سکندر آیینت

Сади ёҷўҷи шоҳроҳ шуда

سد یاجوج شاهراه شده

Аз сипедаи дами саодати ту

از سپیده دم سعادت تو

Рӯзи хасмон чу шаби сиёҳ шуда

روز خصمان چو شب سیاه شده

Оби шамшери оташи афрӯзат

آب شمشیر آتش افروزت

Хуши хуши оташи зафари гиёҳ шуда

خوش خوش آتش ظفر گیاه شده

Давлати хоҷаро ки боди ҷавон

دولت خواجه را که باد جوان

Бахти бурнои ту паноҳ шуда

بخت برنای تو پناه شده

Боз гашта з тохтани Мансур

باز گشته ز تاختن منصور

Баси накӯи номи пеши шоҳ шуда

بس نکو نام پیش شاه شده

Доду давлат чу парда дод овоз

داد و دولت چو پرده داد آواز

Ваон слосити боргоҳ шуда

وان صلاصیت بارگاه شده

Орзӯии дил ва ду дидаи ман

آرزوی دل و دو دیده من

Оби теғи зафари ҳусайни ҳасан

آب تیغ ظفر حسین حسن

эй ки аз раъии олимии дорӣ

ای که از رأی عالمی داری

Вай ки чун бахти муҳаррамии дорӣ

وی که چون بخت محرمی داری

Малик дар зери меҳри меҳр ту шуд

ملک در زیر مهر مهر تو شد

Ки зи иқболи хотамии дорӣ

که ز اقبال خاتمی داری

Дар ғамати бод агар дилӣ дорам

در غمت باد اگر دلی دارم

Бар дилами бод агар ғамии дорӣ

بر دلم باد اگر غمی داری

Сухан ман магӯӣ бо гардун

سخن من مگوی با گردون

Ки бар он оинаи дамии дорӣ

که بر آن آینه دمی داری

Ба худо ар зи бими айни камол

به خدا ار ز بیم عین کمال

Дили худро чу дарҳамии дорӣ

دل خود را چو درهمی داری

Дафъ чашм бидон тамомаст ин

دفع چشم بدان تمام است این

Ки ҳасанро накӯи ҳамеи дорӣ

که حسن را نکو همی داری

Чу ба майдон рӯй фалак гуяд

چو به میدان روی فلک گوید

К-эии замона чаҳ рустамии дорӣ

کای زمانه چه رستمی داری

Орзӯии дил ва ду дидаи ман

آرزوی دل و دو دیده من

Оби теғи зафари ҳусайни ҳасан

آب تیغ ظفر حسین حسن

Пеши ту Зуҳраи дркшокши бод

پیش تو زهره درکشاکش باد

Қабзаи муштарии камони каши бод

قبضه مشتری کمان کش باد

Офтоби шароби маҷлиси ту

آفتاب شراب مجلس تو

Бар кафи соқёни маҳваши бод

بر کف ساقیان مهوش باد

Мардуми дидаи мусофири ман

مردم دیده مسافر من

Зери пояти муқӣми мФрши бод

زیر پایت مقیم مفرش باد

ОФтобои зи лафзи рангинат

آفتابا ز لفظ رنگینت

Пардаи гӯши дили мунаққаши бод

پرده گوش دل منقش باد

Гар ба теғат аду нашуд қурбон

گر به تیغت عدو نشد قربان

Нӯки тири туро чу таркиши бод

نوک تیر ترا چو ترکش باد

Оташи хотират чу об омад

آتش خاطرت چو آب آمد

Оби шамшери ту чу оташи бод

آب شمشیر تو چو آتش باد

Рӯзи теғ аз кафат муборак шуд

روز تیغ از کفت مبارک شد

Шаби калак аз кафи ту ҳам хуши бод

شب کلک از کف تو هم خوش باد