Насимӣ ба дил мехӯрд рӯҳ парвар
نسیمی به دل میخورد روحپرور
Насимии диловез чун буии дилбар
نسیمی دلاویز چون بوی دلبر
Насимӣ чу анфоси исои муқаддас
نسیمی چو انفاس عیسی مقدس
Насимӣ чу домони Марями мутаҳҳар
نسیمی چو دامان مریم مطهر
Насимии ҳамаи нФҳаҳи машки Соро
نسیمی همه نفحهٔ مشک سارا
Насимии ҳамаи нашъаи хамри аҳмар
نسیمی همه نشئهٔ خمر احمر
Насимӣ дар он накҳати меҳри пинҳон
نسیمی در آن نکهت مهر پنهان
Насимӣ дар он лиззати васли мзмр
نسیمی در آن لذت وصل مضمر
Насимӣ аз он ҷайби ҷони домани дил
نسیمی از آن جیب جان دامن دل
Пар аз анбари ашҳбу машки азФр
پر از عنبر اشهب و مشک اذفر
Чаҳ бодаст ҳайронами ин боди дилкаш
چه باد است حیرانم این باد دلکش
Ки атри абири ораду буии анбар
که عطر عبیر آرد و بوی عنبر
Насим баҳораст гуё ки хезад
نسیم بهار است گویا که خیزد
з рӯй гули тозау сунбул тар
ز روی گل تازه و سنبل تر
Насимӣаст шабҳо ба гулшани ғунуда
نسیمی است شبها به گلشن غنوده
з гул карда болин ва аз сабзаи бистар
ز گل کرده بالین و از سبزه بستر
Бар андом ӯ судаи райҳону сунбул
بر اندام او سوده ریحان و سنبل
Дар оғӯш ӯ бӯда насрину анбар
در آغوش او بوده نسرین و عنبر
Ғалат кардам аз тараф бустон наёяд
غلط کردم از طرف بستان نیاید
Насимии чунин ҷони Фзоу муаттар
نسیمی چنین جانفزا و معطر
Насими риёз ҷинонаст гӯйӣ
نسیم ریاض جنان است گویی
Ки ризвон ба даст сабо дода миҷмар
که رضوان به دست صبا داده مجمر
Насим биҳиштаст ва дорад нишон ҳо
نسیم بهشت است و دارد نشانها
зи тафреҳи таснӣму трўиҳи кавсар
ز تفریح تسنیم و ترویح کوثر
Ки аз рӯй ғулмон гушӯдааст бурқаъ
که از روی غلمان گشوده است برقع
Ки аз фарқи ҳурон рабӯдааст мъҷр
که از فرق حوران ربوده است معجر
зи гесуии ҳурон ва зулфин ғулмон
ز گیسوی حوران و زلفین غلمان
Бад-ӣни сони вазади мшкбизу мънбр
بدین سان وزد مشکبیز و معنبر
Хато гуфтам аз боғ ҷинат наёяд
خطا گفتم از باغ جنت نیاید
Насимии чунон дилкашу рӯҳ парвар
نسیمی چنان دلکش و روحپرور
Насимӣаст аз боғи алтофи соҳиб
نسیمی است از باغ الطاف صاحب
Накӯи зоту неки ахтару неки маҳзар
نکو ذات و نیکاختر و نیکمحضر
Чароғи дили равшани аҳли маънӣ
چراغ دل روشن اهل معنی
Фурӯғи шабистони аҳли дили озар
فروغ شبستان اهل دل آذر
Муҳӣти фазойил ки дарёии фикраш
محیط فضایل که دریای فکرش
Карон то каронаст лабрези гавҳар
کران تا کران است لبریز گوهر
Сипеҳри мъолӣ ки бар авҷи қадараш
سپهر معالی که بر اوج قدرش
Ҳазорон чу меҳраст тобандаи ахтар
هزاران چو مهر است تابنده اختر
Мадори маноқиби ҷаҳони макорим
مدار مناقب جهان مکارم
Ки афлоки ъзу шарафи рости меҳвар
که افلاک عز و شرف راست محور
Муроди аФозли млози амосл
مراد افاضل ملاذ اماثل
Ки бар торак сарваронаст афсар
که بر تارک سروران است افسر
Ҷаводӣ ки дар кафи ҷўдши зи хорӣ
جوادی که در کف جودش ز خواری
Чу хайрӣ буд зарди рухсораи зар
چو خیری بود زرد رخسارهٔ زر
Карӣмӣ ки бар даргааши зи аҳли ҳоҷат
کریمی که بر درگهش ز اهل حاجت
Набинӣ тиҳии дасти ҷузи ҳалқа дар
نبینی تهی دست جز حلقهٔ در
Зиҳии пеши ёҷўҷ шаҳват кашида
زهی پیش یاجوج شهوت کشیده
Дили пакет аз зуҳди сади Сикандар
دل پاکت از زهد سد سکندر
Аз он дар ҳарими тавоф ту пуед
از آن در حریم طواف تو پوید
Ки касб саодат кунад саъди Акбар
که کسب سعادت کند سعد اکبر
Шаб ва рӯз гирданд обои алавӣ
شب و روز گردند آبای علوی
Ба сад шавқ дар гирди ин чори модар
به صد شوق در گرد این چار مادر
Ки шояд падед ояд аммо наёяд
که شاید پدید آید اما نیاید
Аз эшон назири ту фарзанди дигар
از ایشان نظیر تو فرزند دیگر
Ба маънои мушкили сарангушти фикрат
به معنای مشکل سرانگشت فکرت
Кунад ончӣ бо маи бенон паямбар
کند آنچه با مه بنان پیمبر
Ба гуфтори норости теғи забонат
به گفتار ناراست تیغ زبانت
Кунад ончӣ бо куфр , шамшери ҳайдар
کند آنچه با کفر، شمشیر حیدر
Сувари ҷумлаи коинот ва ту маънӣ
صور جملهٔ کاینات و تو معنی
Арзи ҷумлаи ҳодисот ва ту ҷавҳар
عرض جمله حادثات و تو جوهر
Ҷаҳон бо наҳифи ту дарёу тӯфон
جهان با نهیب تو دریا و طوفان
Замин бо виқори ту киштӣу лангар
زمین با وقار تو کشتی و لنگر
Каломи ту бо роҳу райҳони муқобил
کلام تو با راح و ریحان مقابل
Баёни ту бо оби ҳайвони баробар
بیان تو با آب حیوان برابر
Фунуни ҳунари Фкрттро мусаллам
فنون هنر فکرتت را مسلم
Ҷаҳони сухани хомаи ?утро мусаххар
جهان سخن خامهات را مسخر
зи калаки бенон ту ҳар лаҳза гардад
ز کلک بنان تو هر لحظه گردد
Нигории ммсли мисолии мусаввир
نگاری ممثل مثالی مصور
Ки суратгари чин надидааст ҳаргиз
که صورتگر چین ندیدهاست هرگز
Ба он ҳасани тимсол ва он лутфи пайкар
به آن حسن تمثال و آن لطف پیکر
Лолии манзуми назми ту ҳар як
لالی منظوم نظم تو هر یک
Дарахшнда наҷмӣаст аз Зуҳраи азҳр
درخشنده نجمی است از زهره ازهر
Ки дар водии ишқи гмгштгон ро
که در وادی عشق گمگشتگان را
Сӯии каъбаи кӯй ёраст раҳбар
سوی کعبهٔ کوی یار است رهبر
Гулӣ май дамад ҳар дам аз боғи табъат
گلی میدمد هر دم از باغ طبعت
Ба накҳат чу шмомаҳи машку анбар
به نکهت چو شمامهٔ مشک و عنبر
Барӣ мерасад ҳар дам аз шохи фикрат
بری میرسد هر دم از شاخ فکرت
Ба лиззат чу васл батон смнбр
به لذت چو وصل بتان سمنبر
Вафои пешаи ёрои хдоўндгоро
وفا پیشه یارا خداوندگارا
Яке сӯии ин банда аз лутф бингар
یکی سوی این بنده از لطف بنگر
зи раҳмати яке ҷониби ман назар кун
ز رحمت یکی جانب من نظر کن
Ки чархами чисон бе ту дорад ба чанбар
که چرخم چسان بی تو دارد به چنبر
Танами зи аҳу ҷони з ашк шуд дар фироқат
تنم ز اه و جان ز اشک شد در فراقت
Чу аз боди хок ва чу аз оби озар
چو از باد خاک و چو از آب آذر
Ту дар ғурбат эй меҳри тобон ва бе ту
تو در غربت ای مهر تابان و بی تو
Шабу рӯз ман гашта аз ҳам сияҳ тар
شب و روز من گشته از هم سیهتر
Кунун бе ту дорам сияҳи рӯзгорӣ
کنون بی تو دارم سیه روزگاری
Чу рӯй гунаҳи кор , дар рӯзи маҳшар
چو روی گنه کار، در روز محشر
Ба дили комҳо пеши азин буд ва зонҳо
به دل کامها پیش ازین بود و زانها
Яке брнёўрдаҳи чархи ситамгар
یکی برنیاورده چرخ ستمگر
Кунунам Муродии ҷуз ин нест дар дил
کنونم مرادی جز این نیست در دل
Кунунам ҳавойии ҷуз ин нест дар сар
کنونم هوائی جز این نیست در سر
Ки имрӯз то аз май зиндагонӣ
که امروز تا از می زندگانی
намеҳаст дар ин суфолинаи соғар
نمیهست در این سفالینه ساغر
Чу мино ба базм ту оем дамодам
چو مینا به بزم تو آیم دمادم
Чу соғар ба рӯй ту хандам мукаррар
چو ساغر به روی تو خندم مکرر
Биёи худ алии рағми чархи ҷафои ҷӯ
بیا خود علی رغم چرخ جفا جو
Барор орзӯии ман эй мҳрпрўр
برآر آرزوی من ای مهرپرور
Ба гардун бемеҳр магузор корам
به گردون بیمهر مگذار کارم
Ки ҷавраш буд беҳаду кӣна бе мар
که جورش بود بیحد و کینه بیمر
зи ғурбат ба сӯии ватани шӯи равона
ز غربت به سوی وطن شو روانه
Ба худ раҳм фармо ба мо раҳмат овар
به خود رحم فرما به ما رحمت آور
Хуши он базм конҷо нишинем бо ҳам
خوش آن بزم کانجا نشینیم با هم
Ниҳон аз ҳарифони хафоаши манзар
نهان از حریفان خفاش منظر
Ту бар садри маҳфили барозандаи мавло
تو بر صدر محفل برازنده مولا
Миннат дар муқобили камари бастаи чокар
منت در مقابل کمر بسته چاکر
Ту маҳфил фурӯз аз замири мунират
تو محفل فروز از ضمیر منیرت
Миннати мстнир аз замири мунаввар
منت مستنیر از ضمیر منور
Бихонем бо ҳам ғазалҳои рангин
بخوانیم با هم غزلهای رنگین
Ту аз шеъри ҳотифи ман аз назми озар
تو از شعر هاتف من از نظم آذر
Бисӯзем доғӣ ба дили осмон ро
بسوزیم داغی به دل آسمان را
Бидӯзем чашми ҳасудони ахтар
بدوزیم چشم حسودان اختر
Маро дастрас нест бории хуши он кас
مرا دسترس نیست باری خوش آن کس
Ки ин давлаташ ҳаст гоҳе муяссар
که این دولتش هست گاهی میسر
Дар ин кор кӯшам ба ҷон лек чтўон
در این کار کوشم به جان لیک چتوان
Ки натавон хилофи қазои муқаддар
که نتوان خلاف قضای مقدر
Ҳунари пурварои зини ақоўили ботил
هنر پرورا زین اقاویل باطل
Ки алҳақ ниёзӣ буд баси муҳақар
که الحق نیازی بود بس محقر
На мақсӯди ман буд мадҳати нигорӣ
نه مقصود من بود مدحت نگاری
Ки мадҳи ту бар ноед аз калаку дафтар
که مدح تو بر ناید از کلک و دفتر
Туро нест ҳоҷат ба маддоҳии оре
تو را نیست حاجت به مداحی آری
Баси ахлоқи некӯи туро мадҳи густар
بس اخلاق نیکو تو را مدح گستر
Вале буд азин назми қасдам ки дилҳо
ولی بود ازین نظم قصدم که دلها
зи занг нифоқаст аз баси мукаддар
ز زنگ نفاق است از بس مکدر
Нгўинди оҷизи з назмаст ҳотиф
نگویند عاجز ز نظم است هاتف
Гуруҳе ки худ гоҳ назманд музтар
گروهی که خود گاه نظمند مضطر
Ним оҷиз аз назми ашъори рангин
نیم عاجز از نظم اشعار رنگین
Ту донегар онон надоранд бовар
تو دانی گر آنان ندارند باور
Арӯсони абкор дар парда дорам
عروسان ابکار در پرده دارم
Ҳамаи ғарқи пероя аз пой то сар
همه غرق پیرایه از پای تا سر
Валикин чаҳ лозим ки духтар диҳад кас
ولیکن چه لازم که دختر دهد کس
Ба бе меҳри домод бе меҳри шавҳар
به بیمهر داماد بیمهر شوهر
Набошад чу домоди шоистаи он ба
نباشد چو داماد شایسته آن به
Ки дар хона худ шавад пери духтар
که در خانهٔ خود شود پیر دختر
Дар эҷоз кӯшам ки наздики доно
در ایجاز کوشم که نزدیک دانا
Сухани хеш буд мухтасари хуштар ахср
سخن خویش بود مختصر خوشتر اخصر
Ало то қамари фарбеҳ ва лоғар ояд
الا تا قمر فربه و لاغر آید
зи наздикӣу даврии меҳри анвар
ز نزدیکی و دوری مهر انور
Муҳиби ту назд ту бодоу фарбеҳ
محب تو نزد تو بادا و فربه
Адуии ту давр аз ту бодоу лоғар
عدوی تو دور از تو بادا و لاغر
Туро ҷовдони умру ҷовидони иззат
تو را جاودان عمر و جاویدان عزت
Мудомати худои Носиру бахти ёвар
مدامت خدا ناصر و بخت یاور