Гуфтам ки чораи ғам ҳиҷрон шавад нашуд
گفتم که چاره غم هجران شود نشد
Дар васли ёри мушкилам осон шавад нашуд
در وصل یار مشکلم آسان شود نشد
ё аз таби ғамами шаб ҳиҷрон кашад накишт
یا از تب غمم شب هجران کشد نکشت
ё дардам аз висоли ту дармон шавад нашуд
یا دردم از وصال تو درمان شود نشد
ё он санами муроди дил ман диҳад надод
یا آن صنم مراد دل من دهد نداد
ё ин санами параст мусулмон шавад нашуд
یا این صنمپرست مسلمان شود نشد
ё дил ба кӯии сабру сукӯни раҳи баради набард
یا دل به کوی صبر و سکون ره برد نبرد
ё лаҳза Эй хамӯш з афғон шавад нашуд
یا لحظهای خموش ز افغان شود نشد
ё муддаии зи кӯии ту берун равад нарафт
یا مدعی ز کوی تو بیرون رود نرفت
Чун ман асири меҳнат ҳиҷрон шавад нашуд
چون من اسیر محنت هجران شود نشد
ё аз каманди ғайри ғизолам ҷаҳд наҷуст
یا از کمند غیر غزالم جهد نجست
ё зи улфати рақиб пушаймон шавад нашуд
یا ز الفت رقیب پشیمان شود نشد
ё аз вафои нигоҳ ба ҳотиф кунад накард
یا از وفا نگاه به هاتف کند نکرد
ё сӯй ӯ зи меҳр хиромон шавад нашуд
یا سوی او ز مهر خرامان شود نشد