Ҳайф аз ҳоҷии Муҳамади содиқи равиши замир
حیف از حاجی محمد صادق روش ضمیر
Шамъи базми афрӯзи зебои шабистони ҷаҳон
شمع بزم افروز زیبای شبستان جهان
Ҳайф аз он моҳи ҷаҳони орой бенуқсон ки кард
حیف از آن ماه جهان آرای بینقصان که کرد
Ҷой дар зери замини охири зи даври осмон
جای در زیر زمین آخر ز دور آسمان
Ҳайф аз он меҳри ҷҳонтоби баланди ахтар ки шуд
حیف از آن مهر جهانتاب بلند اختر که شد
Олимии торик чун дар зер ғбро шуд ниҳон
عالمی تاریک چون در زیر غبرا شد نهان
Ҳайф аз он нахли барӯманди смрпрўр ки рехт
حیف از آن نخل برومند ثمرپرور که ریخت
Баргу бориши ногуҳ аз дмсрдии боди хазон
برگ و بارش ناگه از دمسردی باد خزان
Ҳайф аз он сарви сарафрози сеӣ қад ков фитод
حیف از آن سرو سرافراز سهی قد کاو فتاد
Оқибат бар рӯй хоки тира дар ин бӯстон
عاقبت بر روی خاک تیره در این بوستان
Ҳайф аз он дар дурахшони гарони қимат ки шуд
حیف از آن در درخشان گران قیمت که شد
Ганҷи сони ҷояши даруни хок дар ин хокдон
گنجسان جایش درون خاک در این خاکدان
Он ки будаш нутқ чун боди баҳории ҷони Фзо
آن که بودش نطق چون باد بهاری جان فزا
Ваон ки будаш даст чун абри баҳории дирафшон
وان که بودش دست چون ابر بهاری درفشان
Рафту сайли ашк ҷорӣ шуд зи чашми марду зан
رفت و سیل اشک جاری شد ز چشم مرد و زن
Рафту ҷӯии хӯни равон аз дидаи перу ҷавон
رفت و جوی خون روان از دیدهٔ پیر و جوان
Мурғи рӯҳаши зин қафас омад ба парвозу ниҳод
مرغ روحش زین قفس آمد به پرواز و نهاد
Аз гулистони ҷинон бар шохи тӯбои ошён
از گلستان جنان بر شاخ طوبی آشیان
Оҳ аз ин мотам ки халқи даҳрро хӯн кард дил
آه از این ماتم که خلق دهر را خون کرد دل
Оҳ аз ин андӯҳ ки аҳли олимиро сӯхти ҷон
آه از این اندوه که اهل عالمی را سوخت جان
Чун азин меҳнати сарой пуркудурат рафт ва ёфт
چون ازین محنت سرای پرکدورت رفت و یافت
Аз ғами айёми осоиш ба гулзори ҷинон
از غم ایام آسایش به گلزار جنان
Хомаи ҳотиф рақам зад баҳри таърихаш ки оҳ
خامهٔ هاتف رقم زد بهر تاریخش که آه
Шуд равони ҳоҷии Муҳамади содиқ аз ҷаври замон
شد روان حاجی محمد صادق از جور زمان