Аз Маҳмадалии он гулбун бе хори афсӯс

از محمدعلی آن گلبن بی‌خار افسوس

Ки зи дунё ба ҷавонӣ ба сӯй уқбо шуд

که ز دنیا به جوانی به سوی عقبی شد

Рафт ногоҳ азин гулшану ночиди гулӣ

رفت ناگاه ازین گلشن و ناچید گلی

Аз ҷафои фалакаши хори аҷал барпо шуд

از جفای فلکش خار اجل برپا شد

Шуд ҷавони зини чаману перу ҷавонро зи ғамаш

شد جوان زین چمن و پیر و جوان را ز غمش

Хӯни дил дам бидам аз дидаи хӯн поло шуд

خون دل دم بدم از دیدهٔ خون پالا شد

Чарх даврӣ зад ва шуд ахтарӣ аз хоки баланд

چرخ دوری زد و شد اختری از خاک بلند

Ногуҳ аз давр дигар бози сӯй ғбро шуд

ناگه از دور دگر باز سوی غبرا شد

Мавҷии ин баҳр зад ва гавҳарӣ омад берун

موجی این بحر زد و گوهری آمد بیرون

Ногуҳ аз мавҷ дигар бози сӯй дарё шуд

ناگه از موج دگر باز سوی دریا شد

Рӯҳаши он сидра нишин тоир дар тани маҳбӯс

روحش آن سدره نشین طایر در تن محبوس

Пурфишон зини қафаси танги сӯй тӯбо шуд

پرفشان زین قفس تنگ سوی طوبی شد

Чун азин ғамкадаи оҳанг ҷинон кард зи шавқ

چون ازین غمکده آهنگ جنان کرد ز شوق

Мурғи рӯҳаши сӯии он равзаи рӯҳ афзо шуд

مرغ روحش سوی آن روضهٔ روح‌افزا شد

Хома бар лавҳи мазораши пай таърих навишт

خامه بر لوح مزارش پی تاریخ نوشت

Ки Маҳмадалии афсӯс ки аз дунё шуд

که محمدعلی افسوس که از دنیا شد