Онҷо ки хома , шукри гуфтори бишиканад

آنجا که خامه، شکّر گفتار بشکند

Тӯтӣ , сухан ба ғунчаи минқори бишиканад

طوطی، سخن به غنچهٔ منقار بشکند

Дар олимӣ ки хабарату инсофи ҷавҳарии сет

در عالمی که خبرت و انصاف جوهری ست

Назмами баҳоии гавҳари шҳўори бишиканад

نظمم بهای گوهر شهوار بشکند

Домони абр аз арақи шарм тар шавад

دامان ابر از عرق شرم تر شود

Калакам чу остини гуҳарбори бишиканад

کلکم چو آستین گهربار بشکند

Онҷо ки рои равшанам аз рух кашад ниқоб

آنجا که رای روشنم از رخ کشد نقاب

Ойӣнаро равоеи бозори бишиканад

آیینه را روایی بازار بشکند

Зебад ба нахли бандии бустони рангу бӯ

زیبد به نخل بندی بستان رنگ و بو

Калаками кулоҳи гӯша ба гулзори бишиканад

کلکم کلاه گوشه به گلزار بشکند

Гирданд ҳурёни хаёлам чу рӯнамо

گردند حوریان خیالم چو رونما

Гулро зи шарм , ранг ба рухсори бишиканад

گل را ز شرم، رنگ به رخسار بشکند

Орад ба мӯшикофии табъи ман эътироф

آرد به موشکافی طبع من اعتراف

Зулфи сухан касе ки ба ҳанҷори бишиканад

زلف سخن کسی که به هنجار بشکند

Хорои асоси фикрати рангин киришма ам

خارا اساس فکرت رنگین کرشمه ام

Соғар чу лола бар сари кҳсори бишиканад

ساغر چو لاله بر سر کهسار بشکند

Имон ба шеърам оварад он нуктаи рас ки ӯ

ایمان به شعرم آورد آن نکته رس که او

Дар сўмноти дили бути пиндори бишиканад

در سومنات دل بت پندار بشکند

Гӯшӣ наме даҳум ба суханҳои нописанд

گوشی نمی دهم به سخنهای ناپسند

Колои зишти қадари харидори бишиканад

کالای زشت قدر خریدار بشکند

Найзори устихон , қалами пели банди ман

نیزار استخوان، قلم پیل بند من

Зини резаи шоирони сбксори бишиканад

زین ریزه شاعران سبکسار بشکند

Равшан буд ба хурдаи шиносон ки қадари кор

روشن بود به خرده شناسان که قدر کار

Аз шавамӣ забунии ҳамкори бишиканад

از شومی زبونی همکار بشکند

Он моя аз куҷост касеро ки ҳамчуи ман

آن مایه از کجاست کسی را که همچو من

Бозори гарми абри гуҳарбори бишиканад ?

بازار گرم ابر گهربار بشکند؟

Он накҳат аз куҷост нафасҳои тира ро

آن نکهت از کجاست نفسهای تیره را

То эътибори нофаи тотори бишиканад ?

تا اعتبار نافهٔ تاتار بشکند؟

Он ҳадат аз куҷост суханҳои сард ро

آن حدّت از کجاست سخنهای سرد را

То дар раги дилии асари хори бишиканад ?

تا در رگ دلی اثر خار بشکند؟

Он фитрат аз куҷост ки сари ҷӯши Фкртш

آن فطرت از کجاست که سر جوش فکرتش

Чун ман ривоҷи соғари саршори бишиканад ?

چون من رواج ساغر سرشار بشکند؟

Он қӯт аз куҷост касеро ки аз бенон

آن قوّت از کجاست کسی را که از بنان

Бозуии калаки ахтлу маҳёри бишиканад ?

بازوی کلک اخطل و مهیار بشکند؟

Бояд ба каф чу хомаи ман Мӯсавии Асо

باید به کف چو خامهٔ من موسوی عصا

То саҳари бўолмФохри пиндори бишиканад

تا سحر بوالمفاخر پندار بشکند

Он кист ғайри ман ки ба як умри устихон

آن کیست غیر من که به یک عمر استخوان

Дар кори фикри вуҷӯдати ашъори бишиканад ?

در کار فکر وجودت اشعار بشکند؟

Панҷоҳ сол кист ки як Нитсаатон қалам

پنجاه سال کیست که یک نیستان قلم

Мсқби сифат ба гавҳари афкори бишиканад ?

مثقب صفت به گوهر افکار بشکند؟

Он ҳиммат аз куҷост касеро ки дар талаб

آن همّت از کجاست کسی را که در طلب

Хоби саҳар ба дидаи бедори бишиканад ?

خواب سحر به دیدهٔ بیدار بشکند؟

Он ғайрат аз куҷост касеро ки дар ҷаҳон

آن غیرت از کجاست کسی را که در جهان

Чун ман нигаҳ ба чашми харидори бишиканад ?

چون من نگه به چشم خریدار بشکند؟

Мрғўлаҳи рези хомаи мишкӣни шиканҷи ман

مرغوله ریز خامهٔ مشکین شکنج من

Қадару баҳоии зулфи шаби тори бишиканад

قدر و بهای زلف شب تار بشکند

Барги гулии сет ҳар варақам каз ғурури ноз

برگ گلی ست هر ورقم کز غرور ناز

Хори киришма дар дили гулзори бишиканад

خار کرشمه در دل گلزار بشکند

Лоқӣ наме занам ки хаҷали гирдам аз касе

لاقی نمی زنم که خجل گردم از کسی

Гӯи хори рашк дар раги ағёри бишиканад

گو خار رشک در رگ اغیار بشکند

Бошад агар шигифт касеро ба даъвӣам

باشد اگر شگفت کسی را به دعویم

Шояд казин балоғати гуфтори бишиканад

شاید کزین بلاغت گفتار بشکند

Нозуки дилам , зиёда наёрам нафас кашид

نازک دلم، زیاده نیارم نفس کشید

зи андаки баҳонаи хотири бемори бишиканад

ز اندک بهانه خاطر بیمار بشکند

Дар ғарраи ҳаётам ва аз ранҷ чун ҳилол

در غرّهٔ حیاتم و از رنج چون هلال

Наздик шуд ки дӯши марои бори бишиканад

نزدیک شد که دوش مرا بار بشکند

Дами сардии замона , фусурдаи сети хотирам

دم سردی زمانه، فسرده ست خاطرم

Аз як насим , равнақи гулзори бишиканад

از یک نسیم، رونق گلزار بشکند

Ҷой шигифт нест ки соғар ба санглох

جای شگفت نیست که ساغر به سنگلاخ

Аз кафи раҳо чу гашт ба ночори бишиканад

از کف رها چو گشت به ناچار بشکند

эй дил ба ҳуш бош ки таррори рӯзгор

ای دل به هوش باش که طرّار روزگار

Ғофил дар хзоини аъмори бишиканад

غافل در خزاین اعمار بشکند

Аз доманаш ба манзили осӯдагии расон

از دامنش به منزل آسودگی رسان

Пое ки дар кашокаши рафтори бишиканад

پایی که در کشاکش رفتار بشکند

Донистаам ки афъии ҳирс ва амл балост

دانسته ام که افعی حرص و امل بلاست

Санги қаноатами сари ин мори бишиканад

سنگ قناعتم سر این مار بشکند

Тангами зи даҳр , то ба кӣ ин золи зишти ху

تنگم ز دهر، تا به کی این زال زشت خو

Бе мӯҷибии марои дили аФгори бишиканад ?

بی موجبی مرا دل افگار بشکند؟

Дилбар куҷост кин дили сад раҳи шикаста ро

دلبر کجاست کاین دل صد ره شکسته را

Аз як нигоҳи маст , дигар бори бишиканад ?

از یک نگاه مست، دگر بار بشکند؟

Лаб дар ҳамин дуост ман длшкстаҳ ро

لب در همین دعاست من دلشکسته را

Ҳар дил ки бишиканад ба кафи ёри бишиканад

هر دل که بشکند به کف یار بشکند

Дар тангнои синаи калиди гшоишист

در تنگنای سینه کلید گشایشیست

Ҳар дашнае ки ғамзаи хунхори бишиканад

هر دشنه ای که غمزه خونخوار بشکند

Хок касе ки зулф парешон диҳад ба бод

خاک کسی که زلف پریشان دهد به باد

Машки хутан ба таблаи аттори бишиканад

مشک ختن به طبلهٔ عطّار بشکند

Ҳар қатрае ки аз рух соқӣ чакад ба ҷом

هر قطره ای که از رخ ساقی چکد به جام

Нархи гарони гавҳари шҳўори бишиканад

نرخ گرانِ گوهرِ شهوار بشکند

Дилро ба хоки майкада бар , кин куҳани сабу

دل را به خاک میکده بر، کاین کهن سبو

Гар бишиканад , ба хонаи хумори бишиканад

گر بشکند، به خانهٔ خمّار بشکند

Кам нестанд аз май ғами дили шикастагон

کم نیستند از می غم دل شکستگان

Аз зӯри бодаи шиша бисёр бишиканад

از زور باده شیشهٔ بسیار بشکند

Ободи боди кӯии муҳаббат ки ин ҳаво

آباد باد کوی محبّت که این هوا

Дар сари хумори кофару дайндори бишиканад

در سر خمار کافر و دیندار بشکند

Мағзами зи раъшаи пухт , магари ин хумор ро

مغزم ز رعشه پخت، مگر این خمار را

Ҷоми влои соқии Аброри бишиканад

جام ولای ساقی ابرار بشکند

Шери худои алӣ вале каз наҳиф ӯ

شیر خدا علی ولی کز نهیب او

Ранги рухи сипеҳри сияҳи кори бишиканад

رنگ رخ سپهرِ سیه کار بشکند

Он мӯъҷизи оятӣ ки ба шаъни вилояташ

آن معجز آیتی که به شأن ولایتش

Иқрори нағма , бар лаби инкори бишиканад

اقرار نغمه، بر لب انکار بشکند

Қонӯни навози аҳди адолати асос ӯ

قانون نواز عهد عدالت اساس او

Аз дашна , захма бар раги зуннори бишиканад

از دشنه، زخمه بر رگ زنّار بشکند

Қаҳраши урӯқро ба тани хораи бугсалад

قهرش عروق را به تن خاره بگسلد

Афваши сурӯд бар лаби зинҳори бишиканад

عفوش سرود بر لب زنهار بشکند

Ганҷури корхонаи яздон ки ҳар нафас

گنجور کارخانهٔ یزدان که هر نفس

Нутқаш , дар хазинаи асрори бишиканад

نطقش، درِ خزینهٔ اسرار بشکند

Дасти гадои мадҳгараш дар ҳарими ноз

دست گدای مدح گرش در حریم ناز

Тарафи кулоҳи шоҳиди Фархори бишиканад

طرف کلاه شاهد فرخار بشکند

Туғёни шавқи байн ки ба сар май рӯм чу сайл

طغیان شوق بین که به سر می روم چو سیل

Ҷое ки пои хомаи раҳвори бишиканад

جایی که پای خامهٔ رهوار بشکند

эй сафдарӣ ки дар сафи рўиинаҳи пайкарон

ای صفدری که در صف رویینه پیکران

Гурзати қади Таҳамтани кҳсори бишиканад

گرزت قد تهمتن کهسار بشکند

эй сарварӣ ки бар сари мисатони шергир

ای سروری که بر سر مستانِ شیرگیر

Теғи ту ҷоми нихвати саршори бишиканад

تیغ تو جام نخوت سرشار بشکند

Дар нофи ширк , ковуши рмҳи ту не кунад

در ناف شرک، کاوش رمح تو نی کند

Дар чашм ва ҳам калаки ту мсмори бишиканад

در چشم و هم کلک تو مسمار بشکند

Ҳар субҳи зоғи ҳирс чу пурди зи ошён

هر صبح زاغ حرص چو پرّد ز آشیان

Аз мағзи душманони ту ноҳори бишиканад

از مغز دشمنان تو ناهار بشکند

Дарёдилон ба ҳайрати зоти ту ғарқа анд

دریادلان به حیرت ذات تو غرقه اند

Киштии басӣ ба қулзуми зхори бишиканад

کشتی بسی به قُلزم زخّار بشکند

Хоҳад дил аз ту гӯшаи чашми тараҳҳумӣ

خواهد دل از تو گوشهٔ چشم ترحّمی

То зулфи оҳ бар лаби изҳори бишиканад

تا زلف آه بر لب اظهار بشکند

Шоҳои манам каминаи ғуломӣ ки хизматам

شاها منم کمینه غلامی که خدمتم

Бозори чокарони вафодори бишиканад

بازار چاکران وفادار بشکند

Аҳдӣ набастаам ба вилояти зи ҷону дил

عهدی نبسته ام به ولایت ز جان و دل

Каз сайри даври собиту сайёри бишиканад

کز سیر دور ثابت و سیار بشکند

Хораш агар кунӣ гули иззат ба сар занад

خارش اگر کنی گل عزّت به سر زند

Онро ки ишқ , қимату миқдори бишиканад

آن را که عشق، قیمت و مقدار بشکند

Калак ҳазин туаст ки дар мадҳи густарӣ

کلک حزین توست که در مدح گستری

Нохун ба кони гавҳари афкори бишиканад

ناخن به کان گوهر افکار بشکند

Чун сар кунад неи қаламами нолаҳои зор

چون سر کند نی قلمم ناله های زار

Қадар навой мурғи гирифтори бишиканад

قدر نوای مرغ گرفتار بشکند

Машшотагии калак маро оварад сипос

مشاطگیِّ کلک مرا آورد سپاس

Зулфи сухан чу сафҳаи рухсори бишиканад

زلف سخن چو صفحهٔ رخسار بشکند

Чун хомаи афканами саф маънӣ хӯрд ба ҳам

چون خامه افکنم صف معنی خورد به هم

Лашгар чу шуд , дирафши нигунсори бишиканад

لشگر چو شد، درفش نگونسار بشکند

Ин ақди гавҳарӣ ки ба номи ту баста ам

این عقد گوهری که به نام تو بسته ام

Бозор ҳар қасида дар ақтори бишиканад

بازار هر قصیده در اقطار بشکند