Қавлу амали зишту накӯ гарчи қазо кард

قول و عمل زشت و نکو گرچه قضا کرد

Аммо натавон гуфт чаро гуфт ва чаро кард

امّا نتوان گفت چرا گفت و چرا کرد

Алмосам агар бар ҷигар ифшоанд , ато буд

الماسم اگر بر جگر افشاند، عطا بود

Хӯни дил агар дар қадаҳам кард ба ҷо кард

خون دل اگر در قدحم کرد به جا کرد

Гар бори амал бар сари ҷўқӣ зуъафо дод

گر بار عمل بر سر جوقی ضعفا داد

Вари нақди дағали дркФи муштӣ фуқаро кард

ور نقد دغل درکف مشتی فقرا کرد

Султон ғаюраст , ки ёрад ки занад дам ?

سلطان غیور است، که یارد که زند دم؟

ӣнҷо натавон лаб чу ҷараси ёва даро кард

اینجا نتوان لب چو جرس یاوه درا کرد

Ҳар шаҳду шрнгӣ ба қадаҳ кард кашидем

هر شهد و شرنگی به قدح کرد کشیدیم

Бо соқии қисмат , натавон чун ва чаро кард

با ساقی قسمت، نتوان چون و چرا کرد

Омехтагӣ дошт шаробу лаби махмур

آمیختگی داشت شراب و لب مخمور

Аз ҳам натавонист ҷудои дард ва сафо кард

از هم نتوانست جدا دُرد و صفا کرد

Таслим ба бозори ҷазои ор ва миндиш

تسلیم به بازار جزا آر و میندیش

Он зоти ғаниро насазад ғайр сазо кард

آن ذات غنی را نسزد غیر سزا کرد

Бсмл шуда ӣ теғ тағофул натавон буд

بسمل شده ی تیغ تغافل نتوان بود

ӯ пурсиш агар кард зи мо , меҳр ва вафо кард

او پرسش اگر کرد ز ما، مهر و وفا کرد

Найрангӣ ҳасанаст тамошо куну тани зан

نیرنگی حسن است تماشا کن و تن زن

Сарҳангии нозост ки бигирифт ва раҳо кард

سرهنگی نازاست که بگرفت و رها کرد

Хушкаст лабами соқии трдсти куҷое ?

خشک است لبم ساقی تردست کجایی؟

Хоҳам зи ту пероҳани номӯс қабо кард

خواهم ز تو پیراهن ناموس قبا کرد

Чун аҳд батон тавба ӣ мо дайр напоед

چون عهد بتان توبه ی ما دیر نپایید

Ҳаргиз натавон тарк май ҳуш рибо кард

هرگز نتوان ترک می هوش ربا کرد

Зоҳид машав озурда агар тавба шикастем

زاهد مشو آزرده اگر توبه شکستیم

Мино ба майу тавба ба риндон чаҳ вафо кард ?

مینا به می و توبه به رندان چه وفا کرد؟

Аз бодаи кашӣ тар нашавад домани тақво

از باده کشی تر نشود دامن تقوی

Дар каъбаи тавон тоъати майхона қазо кард

در کعبه توان طاعت میخانه قضا کرد

Мутриб чаҳ шуд он раҳ ки сурӯдем ? зи сари гир

مطرب چه شد آن ره که سرودیم؟ ز سر گیر

Ғофили зи кафам бе худии он ришта раҳо кард

غافل ز کفم بی خودی آن رشته رها کرد

Афсона ишқаст ки дар базми гулу шамъ

افسانهٔ عشق است که در بزم گل و شمع

Парвона ба хомӯшӣу булбул ба наво кард

پروانه به خاموشی و بلبل به نوا کرد

Май ноламу нгзордми инсоф ки гӯям

می نالم و نگذاردم انصاف که گویم

Бо дил шудагони ёри ситами пеша ҷафо кард

با دل شدگان یار ستم پیشه جفا کرد

Сад шукр ки марҳам на доғи куҳани мост

صد شکر که مرهم نِهِ داغ کهن ماست

Он турра ки хӯн дар ҷигари машк хто кард

آن طره که خون در جگر مشک ختا کرد

Бори худии афканди шафиқонаи зи дӯшам

بار خودی افکند شفیقانه ز دوشم

Сурӯш ки ба як ҷилваи маро бесар ва по кард

سروش که به یک جلوه مرا بی سر و پا کرد

Чашмаш ба нигаҳ , басти лаби шиква ӣ рахтам

چشمش به نگه، بست لب شکوِه ی رختم

Ҳар уқда ки дил дошт ба нӯки мижа во кард

هر عقده که دل داشت به نوک مژه وا کرد

Обишхураш аз чашма ӣ поянда ӣ Хизр аст

آبشخورش از چشمه ی پاینده ی خضر است

Ҷонӣ ки масеҳои лабаш дар тан мо кард

جانی که مسیحای لبش در تن ما کرد

Ҳоли зқнши дил ба сияҳи чоҳи ғами андохт

حال ذقنش دل به سیه چاه غم انداخت

Ин донаи марои бастаи сад дом бало кард

این دانه مرا بستهٔ صد دام بلا کرد

Он тарафи биногваши маро гӯшанишин сохт

آن طرف بناگوش مرا گوشه نشین ساخت

Он оинаи рухсори марои нағма саро кард

آن آینه رخسار مرا نغمه سرا کرد

зи файзи срири қалами пардаи гушойам

ز فیض صریر قلم پرده گشایم

Ноқавси санами хона ба оҳанг сало кард

ناقوس صنم خانه به آهنگ صلا کرد

Ҳар сФҳҳкаҳ шуд хомаи ман ғозҳгр ӯ

هر صفحهکه شد خامهٔ من غازهگر او

Машшотагии шоҳиди табъ шуъаро кард

مشاطگی شاهد طبع شعرا کرد

Як нақш бадеъаст ки ман дар кафи эъҷоз

یک نقش بدیع است که من در کف اعجاز

Кардам қаламу Мӯсои умронаш Асо кард

کردم قلم و موسی عمرانش عصا کرد

Калаками зи нўобхшии он лаъли сухангӯ

کلکم ز نوابخشی آن لعل سخنگو

Ромишгарии савмиъаи дорон само кард

رامشگری صومعه داران سما کرد

Неи неи ғалатами ин асар аз водии қудсист

نی نی غلطم این اثر از وادی قدسیست

Каз соҳати он каъбаи таманноӣ сафо кард

کز ساحت آن کعبه تمنای صفا کرد

Дар колбуд мурда диҳад ҷон чу масеҳо

در کالبد مرده دهد جان چو مسیحا

Он лаб ки замини бӯсии даргоҳ ризо кард

آن لب که زمین بوسی درگاه رضا کرد

Султони хуросон ки равоқи ҳарамаш ро

سلطان خراسان که رواق حرمش را

Тақдир ба хишти зари хуршед банно кард

تقدیر به خشت زر خورشید بنا کرد

Ин манзил ҷонасту таҷаллии гуҳи мино

این منزل جان است و تجلی گه مینا

Кзхок дараш чашми фалаки касб зё кард

کزخاک درش چشم فلک کسب ضیا کرد

Ин маҳфили қудсист ки прўонгиш ро

این محفل قدسیست که پروانگیش را

Арвоҳ ба сад аҷз , таманно зхдо кард

ارواح به صد عجز، تمنا زخدا کرد

Гулзори сбкрўҳии халқаш ба насимӣ

گلزار سبکروحی خلقش به نسیمی

Хошок ба ҷайбу бағали бод сабо кард

خاشاک به جیب و بغل باد صبا کرد

Қандил , нахуст аз дили рӯҳ алқудс овехт

قندیل، نخست از دل روح القدس آویخت

Меъмори азали қуббаи қасраш чу банно кард

معمار ازل قبهٔ قصرش چو بنا کرد

Бо равза ӯ , хулди баринро ки сано гуфт ?

با روضهٔ او، خلد برین را که ثنا گفت؟

Бо хоки раҳаши машки хторо ки баҳо кард ?

با خاک رهش مشک ختا را که بها کرد؟

Ҳар мӯри заъифаши ҳунари омухт ба шаҳбоз

هر مور ضعیفش هنر آموخت به شهباز

Ҳар съўаҳ ӯ , сояи давлат ба ҳумо кард

هر صعوهٔ او، سایهٔ دولت به هما کرد

То меҳри сулаймонии доғаш ба ҷабин нест

تا مهر سلیمانی داغش به جبین نیست

Дилро нарасад арбада бо дев ҳаво кард

دل را نرسد عربده با دیو هوا کرد

Гар нест гҳрбхшии он дасти схоснҷ

گر نیست گهربخشی آن دست سخاسنج

Каз хост , фузуни дркФи умед гадо кард

کز خواست، فزون درکف امّید گدا کرد

Ин ганҷ , ба кони даст ки афшонда бигӯед ?

این گنج، به کان دست که افشانده بگویید؟

Ин моя , бибинед ба дрёкаҳ ато кард ?

این مایه، ببینید به دریاکه عطا کرد؟

Чун парвариши мяш ба қассоб , аҷаб нест

چون پرورش میش به قصاب، عجب نیست

Бо хасмаш агар чархи дағои сулҳ ва сафо кард

با خصمش اگر چرخ دغا صلح و صفا کرد

Шоҳои сухании лоиқи мадҳ ту надорам

شاها سخنی لایق مدح تو ندارم

Мадҳ ту наёрад касе оре ба сазо кард

مدح تو نیارد کسی آری به سزا کرد

Карда сети дами сарди хазон бо қалами ман

کرده ست دم سرد خزان با قلم من

Он ҷавр ки бо шамъи фурӯзанда сабо кард

آن جور که با شمع فروزنده صبا کرد

Оҳанги саноят ки баландаст мақомаш

آهنگ ثنایت که بلند است مقامش

Натавон ба неи хома бебарг внўо кард

نتوان به نی خامهٔ بی برگ ونوا کرد

Бахшой агар парда ба дастони нсроим

بخشای اگر پرده به دستان نسرایم

Шавқати дили пуршӯри маро , парда саро кард

شوقت دل پرشور مرا، پرده سرا کرد

Тазмин кунам ин мисраи иктози назирӣ

تضمین کنم این مصرع یکتاز نظیری

намекӯшам вкорӣ натавонам ба сазо кард

می کوشم وکاری نتوانم به سزا کرد

Дар дасти ман хок нишин нест нисорӣ

در دستِ مَنِِ خاک نشین نیست نثاری

Муштоқи ту аввали дилу ҷон рӯй намо кард

مشتاق تو اول دل و جان روی نما کرد

Мадҳушам ва аз сахтии ҳиҷрон ба хурӯшам

مدهوشم و از سختی هجران به خروشم

Зини санги ситам , шиша надонам чаҳ садо кард ?

زین سنگ ستم، شیشه ندانم چه صدا کرد؟

Гар ҷисми марои чархи зкўии ту ҷудои сохт

گر جسم مرا چرخ زکوی تو جدا ساخت

Ҷонро натавонади зи влои ту ҷудо кард

جان را نتواند ز ولای تو جدا کرد

Тақдир чу бсршти гули дайру ҳарам ро

تقدیر چو بسرشت گِل دیر و حرم را

Даргоҳи туро каъбаи сидқ урафо кард

درگاه تو را کعبهٔ صدق عرفا کرد

Аз ҳар ду ҷаҳони фориғаму рӯ ба ту дорам

از هر دو جهان فارغم و رو به تو دارم

Ҷазби ту дили як ҷиҳатами қибла намо кард

جذب تو دل یک جهتم قبله نما کرد

Кӯии тўкшди азкФи ман домани дил ро

کوی توکشد ازکف من دامن دل را

Бо ман хасу хораши асари меҳр гё кард

با من خس و خارش اثر مهر گیا کرد

Аз ҷо наравад хотираш аз ҳавли қиёмат

از جا نرود خاطرش از هول قیامت

Осӯда касе кӯ ба сари кӯии ту ҷо кард

آسوده کسی کو به سر کوی تو جا کرد

Хуршеди фалакро на тулӯъ ва на ғуруб аст

خورشید فلک را نه طلوع و نه غروب است

Аз давр , замини бӯси ту ҳар субҳ ва мсо кард

از دور، زمین بوس تو هر صبح و مسا کرد

Аз ҳоли ҳазини огаҳӣу ҷони асираш

از حال حزین آگهی و جان اسیرش

Доне чаҳ ҷафоҳо ки ба ваии ҷисм фано кард

دانی چه جفاها که به وی جسم فنا کرد

Як бори ҳам овораи худро ба дарат хон

یک بار هم آوارهٔ خود را به درت خوان

Дрҳсрти кӯии ту чҳо дид ва чҳо кард ?

درحسرت کوی تو چها دید و چها کرد؟

Он рӯз ки карданд рухи зарра ба хуршед

آن روز که کردند رخ ذره به خورشید

Иқбол , марои ҳам зи ғуломон шумо кард

اقبال، مرا هم ز غلامان شما کرد

ё шоҳи ғарибон , мададӣ кун ки тавонам

یا شاه غریبان، مددی کن که توانم

Як саҷдаи шукрона ба кӯии ту адо кард

یک سجدهٔ شکرانه به کوی تو ادا کرد

Маъзӯрам агар нест шикебам ба ҷудоӣ

معذورم اگر نیست شکیبم به جدایی

Мӯсо ба чунон қурб , таманноӣ лақо кард

موسی به چنان قرب، تمنّای لقا کرد

Аз матлаби дигар , адабами баста забон аст

از مطلب دیگر، ادبم بسته زبان است

Дилтангем аз вусъати омол , ҳаё кард

دلتنگیم از وسعت آمال، حیا کرد

Доне ки ҳар он уқда ки дар зулф батон буд

دانی که هر آن عقده که در زلف بتان بود

Ишқ омад ва дар кори парешоне мо кард

عشق آمد و در کار پریشانی ما کرد

Кӯи қӯти коҳӣ ки раҳ шиква сипорам ?

کو قوت کاهی که رٍَِهِ شکوه سپارم؟

Кӯҳи ғами дили гӯнаи ман коҳрбо кард

کوهِ غم دل گونهٔ من کاهربا کرد

Чун бар варақи даҳри неи нуктаи сароён

چون بر ورق دهر نی نکته سرایان

Расмаст ки анҷоми суханро ба дуо кард

رسم است که انجام سخن را به دعا کرد

Ман худ чаҳ дуо гӯямат аз сидқ ? ки яздон

من خود چه دعا گویمت از صدق؟ که یزدان

Бар қомати ҷоҳи ту тарозии з бақо кард

بر قامت جاه تو طرازی ز بقا کرد