Набандӣ дил эй бихаради ҳӯшёр
نبندی دل ای بخرد هوشیار
Ба ҷодӯии найрангии рӯзгор
به جادوی نیرنگی روزگار
Фарибандаи девии сет заррин паранд
فریبنده دیویست زرینپرند
Сияҳ дил нигорӣаст симини изор
سیهدل نگاریست سیمینعذار
Фиребо нагардӣ ба дастон ӯ
فریبا نگردی به دستان او
Ки кардааст бозуӣ рустам назор
که کردهست بازوی رستم نزار
Фароғати нхсбӣ дар айвон ӯ
فراغت نخسبی در ایوان او
Ки сайласту арконаши ноустувор
که سیل است و ارکانش نااستوار
Чаҳ болину бистар гарон кардае ?
چه بالین و بستر گران کردهای؟
Ки абрасту боми ту сӯрохи дор
که ابر است و بام ِتو سوراخدار
Ба инси сарой сипанҷӣ мапӣч
به انس سرای سپنجی مپیچ
Ки нопойдораст ва бе эътибор
که ناپایدار است و بیاعتبار
Нанозӣ ба меҳри сипеҳри ду ранг
ننازی به مهر سپهر دو رنگ
Набозӣ ба ин муҳра кам айёр
نبازی به این مهرهٔ کمعیار
Камӣни каш камоне сети баси кӣна туз
کمینکُش کمانیست بس کینهتوز
Ҷигари дузи тирии сети ғофили шикор
جگردوز تیریست غافلشکار
Гирифтаи сети чолоки Рахш аз ҳариф
گرفتهست چالاک رخش از حریف
Фиканда сет бар хок , соми савор
فکندهست بر خاک، سام سوار
Даридаи сети дръи Наримон ба зӯр
دریدهست دُرع نریمان به زور
Бурӣдаи сети шарёни шерони ҳазор
بُریدهست شریان شیران هزار
Зира карда чарми ҳужаброни зи тир
زره کرده چرم هژبران ز تیر
Гиреҳ карда бозуии мардони кор
گره کرده بازوی مردانِ کار
Фрўкндаҳи гӯрии зи баҳроми гӯр
فروکنده گوری ز بهرام گور
Кафан карда хуфтон Исфандиёр
کفن کرده خفتان اسفندیار
Бизан мутриби он ноӣ исои нафас
بزن مطرب آن نای عیسینفس
Бидиҳ соқии он ҷоми душмани хумор
بده ساقی آن جام دشمن خمار
Бихон аз ман ин назми санҷидаи нағз
بخوان از من این نظم سنجیده نغز
Ки аз мағз гетӣ барорам дамор
که از مغز گیتی برآرم دمار
Ба давровар он шодиовар қадаҳ
به دور آور آن شادیآور قدح
Ки дилгирам аз гардиши рӯзгор
که دلگیرم از گردش روزگار
Гарон гашта бар дӯши ман зиндагӣ
گران گشته بر دوش من زندگی
Шикастаи сети пуштами дарин зери бор
شکستهست پشتم درین زیر بار
Ба аҳдии дарин ҳафт хонам асир
به عهدی درین هفتخوانم اسیر
Ба умрии дарин шшдрми сӯгвор
به عمری درین ششدرم سوگوار
Дарин сҷни андӯҳгин бе қарин
درین سجن اندوهگین بیقرین
Дарин кохи симобгўн бе қарор
درین کاخ سیمابگون بیقرار
Чаҳ пўими раҳи шикваи бекарон ?
چه پویم ره شکوهٔ بیکران؟
Чаҳ гӯям зи ҳурмони ёру диёр ?
چه گویم ز حرمان یار و دیار؟
Куҷои тоб ва ин синаи шуълаи хез ?
کجا تاب و این سینهٔ شعلهخیز؟
Куҷои хоб ва ин чашми ахтари шумор ?
کجا خواب و این چشم اخترشمار ؟
Ҳазин аз навой парешони ту
حزین از نوای پریشان تو
Дили ғунча хӯнасту ашки ҳазор
دل غنچه خون است و اشک هزار
Бияфкан кунун захмҳои хома ро
بیفکن کنون زخمهای خامه را
Ки нозук буд тору кафи раъшаи дор
که نازک بود تار و کف رعشهدار