Аз рафтан дил нест хабари аҳли вафо ро

از رفتن دل نیست خبر اهل وفا را

Он кас ки туро дид надонад сару по ро

آن کس که تو را دید نداند سر و پا را

Аввали ғами ишқи ин ҳама душвор набӯдааст

اول غم عشق این همه دشوار نبودهست

Даврони ту нави сохтаи ойини ҷафо ро

دوران تو نو ساخته آیین جفا را

То боди сабои буии тўрои дрчмни орад

تا باد صبا بوی تورا درچمن آرد

Бар дошта ҳар шохи гулии дасти дуо ро

بر داشته هر شاخ گلی دست دعا را

Бошад ҳамаи шаби номи хушати вирди забонам

باشد همه شب نام خوشت ورد زبانم

Асбҳти алии ٰи зкрки сароу ҷҳоро

اصبحتُ علی ٰ ذکرک سرّاً و جهارا

Гирам ки шикебади дили мо , раҳми ту чун шуд ?

گیرم که شکیبد دل ما، رحم تو چون شد؟

Бурдор ниқоб аз рух ва бинмоӣ лақо ро

بردار نقاب از رخ و بنمای لقا را

Соқии кафи файёзи ту имсок надонад

ساقی کف فیاض تو امساک نداند

Магзар зи ман ташнаи ҷигар , гарми худо ро

مگذر ز من تشنه جگر، گرم خدا را

Дркўии ту дигар ба сарафрозӣ мо кист ?

درکوی تو دیگر به سرافرازی ما کیست؟

Гар ишқ кунад хок ба роҳати сари мо ро

گر عشق کند خاک به راهت سر ما را

Аз заҳри итоби ту дилами чашма нӯш аст

از زهر عتاب تو دلم چشمهٔ نوش است

Додӣ ба шукри ғӯта , лаби бӯсаи рибо ро

دادی به شکر غوطه، لب بوسه ربا را

Ғаммозии рози дили ушшоқ накӯ нест

غمّازی راز دل عشاق نکو نیست

Зинҳор , дарин турраи мадаи роҳ , сабо ро

زنهار، درین طرّه مده راه، صبا را

Умрии сети ҳазинро кафи умед фароз аст

عمری ست حزین را کف امّید فراز است

Умед ки маҳрӯм насозанд гадо ро

امّید که محروم نسازند گدا را