Чаҳ ҳасанаст ин ки маҷнӯн мекунад ақли фусунгарро ?

چه حسن است این که مجنون می کند عقل فسونگر را؟

Чаҳ рангаст ин ки дар хӯн мекашад , домони маҳшарро ?

چه رنگ است این که در خون می کشد، دامان محشر را؟

Сафойӣ каз дами субҳи баннои гӯши ту май байнам

صفایی کز دم صبح بنا گوش تو می بینم

Ба хӯн рашк хоҳад ғӯта додан , меҳри ховар ро

به خون رشک خواهد غوطه دادن، مهر خاور را

Ба чашм кам надидӣ нози хўнризи асиронаш

به چشم کم ندیدی ناز خونریز اسیرانش

Агар май буд пурвои нигоҳ , он чашми кофар ро

اگر می بود پروای نگاه، آن چشم کافر را

Чаҳ истиғност каз чашми сияҳи масти ту май байнам ?

چه استغناست کز چشم سیه مست تو می بینم؟

Ба хӯнам ташна кард он теғи мижгони ситамгар ро

به خونم تشنه کرد آن تیغ مژگان ستمگر را

Ҳазини расво буд ҳар чанд доғи сина , май пӯшам

حزین رسوا بود هر چند داغ سینه، می پوشم

Чаҳ сони пинҳони тавонам дргрибон кард ахтарро ?

چه سان پنهان توانم درگریبان کرد اختر را؟