Дар хотири хаданги қазо ҳар ниҳон ки ҳаст

در خاطر خدنگ قضا هر نهان که هست

Кард он чунон нигоҳи ту хотирнишон ки ҳаст

کرد آن چنان نگاه تو خاطرنشان که هست

ё раб чаҳ офатии ту ки дорад ба сад забон

یا رب چه آفتی تو که دارد به صد زبان

Дод аз дили ту , ҳар дили номеҳрбон ки ҳаст

داد از دل تو، هر دل نامهربان که هست

Ҷон рафту саргаронии нозати чунон ки буд

جان رفت و سرگرانی نازت چنان که بود

Дил хӯн шуду ғурури нигоҳам ҳмонкаҳ ҳаст

دل خون شد و غرور نگاهم همانکه هست

Анҷоми кори ишқи зи оғоз ба нашуд

انجام کار عشق ز آغاز به نشد

Буд ин чунин ба мо нигаҳати саргарон ки ҳаст

بود این چنین به ما نگهت سرگران که هست

Дстонсрои хомаи ҷонпарварат ҳазин

دستانسرای خامهٔ جان پرورت حزین

Синҷиди ҳадиси шавқ ба ҳар достон ки ҳаст

سنجد حدیث شوق به هر داستان که هست