Нахлам аз гиря дар обасту самар пайдо нест
نخلم از گریه در آب است و ثمر پیدا نیست
То фалаки оташ оҳасту асар пайдо нест
تا فلک آتش آه است و اثر پیدا نیست
Ваъдаи дилро ба дуоҳои саҳар ме додам
وعده دل را به دعاهای سحر می دادم
Ваа чаҳ созам ки шаби ҳиҷр , саҳар пайдо нест
وه چه سازم که شب هجر، سحر پیدا نیست
Хат агар буд , дилами пай ба даҳонаш май барад
خط اگر بود، دلم پی به دهانش می برد
Хизри роҳи ман тФсидаҳи ҷигар пайдо нест
خضر راه من تفسیده جگر پیدا نیست
Мӯи шикофони ҷаҳон дар таб ва тобанд тамом
مو شکافان جهان در تب و تابند تمام
Дар хами зулфи ту он мӯии камар пайдо нест
در خم زلف تو آن موی کمر پیدا نیست
Дил ва дайн рафт дар аввали нигаҳ аз дасти ҳазин
دل و دین رفت در اوّل نگه از دست حزین
Ба куҷо то бкшдкори назар , пайдо нест
به کجا تا بکشدکار نظر، پیدا نیست