Дамӣ ки ҳарфи видоъат ба гӯш ме ояд
دمی که حرف وداعت به گوش میآید
Дилам ба ранги ҷарас дар хурӯш ме ояд
دلم به رنگ جرس در خروش میآید
Нигоҳи маст ки дорад сари харобии мо
نگاه مستِ که دارد سر خرابی ما
Ки ашк аз мижа , тӯфон ба дӯш ме ояд
که اشک از مژه، طوفان به دوش میآید
зи тоб май магари он чеҳра арғавонӣ шуд ?
ز تاب می مگر آن چهره ارغوانی شد؟
Ки хӯни машраби тоқат ба ҷӯш ме ояд
که خون مشرب طاقت به جوش میآید
Абас , чаҳ захма фалак мезанад ба тори танам ?
عبث، چه زخمه فلک میزند به تار تنم؟
Маро ки аз сар ҳар мӯ хурӯш ме ояд
مرا که از سر هر مو خروش میآید
Дилам чу соғар симоб метапад ёрб
دلم چو ساغر سیماب میتپد یارب
Кадоми ринди зи мастӣ ба ҳуш меояд ?
کدام رند ز مستی به هوش میآید؟
Насими Мисри висоли он қадр глўсўз аст
نسیم مصر وصال آنقدر گلوسوز است
Ки буии перҳанаш , шуъла пӯш ме ояд
که بوی پیرهنش، شعلهپوش میآید
Ду рӯз бо фалак сангдил бисоз ҳазин
دو روز با فلک سنگدل بساز حزین
Ки оқибат ба дар мефуруш ме ояд
که عاقبت به در میفروش میآید