Ғурури ноз бо кӯҳи таҳаммул барнаме ояд

غرور ناز با کوه تحمّل برنمی‌آید

Ба худдории ман сайли тағофул барнаме ояд

به خودداری من سیل تغافل برنمی‌آید

На он мурғаст дил , косон гузорад ошёни худ

نه آن مرغ است دل، کآسان گذارد آشیان خود

Ба афсун аз хами ошуфтаи кокул барнаме ояд

به افسون از خم آشفته کاکل برنمی‌آید

Буд ҳарчанд гӯши нағмаи санҷони чамани сангин

بود هرچند گوش نغمه‌سنجانِ چمن سنگین

Сафири зоғ бо гулбонги булбул барнаме ояд

صفیر زاغ با گلبانگ بلبل برنمی‌آید

Ба саҳрогар намоеи чеҳра , рӯ пинҳон кунад лола

به صحرا گر نمایی چهره، رو پنهان کند لاله

Ба гулшангар гушойии зулф , сунбул барнаме ояд

به گلشن گر گشایی زلف، سنبل برنمی‌آید

намегардад ба мастии ошно чун поси мастурӣ

نمی‌گردد به مستی آشنا چون پاس مستوری

Тағофули пешаи ман , бо таҷаммул барнаме ояд

تغافل‌پیشهٔ من، با تجمّل برنمی‌آید

Қади хам дидаам , пари дидаи тӯфони ҳаводис ро

قد خم دیده‌ام، پر دیده طوفان حوادث را

Кунад ҳарқадр туғён , сайл бо пул барнаме ояд

کند هرقدر طغیان، سیل با پل برنمی‌آید

Ҳазин аз хомаи ?ут гул карда сомони сияҳи бахтӣ

حزین از خامه‌ات گل کرده سامان سیه‌بختی

зи хиҷлати булбули махмури омул барнаме ояд

ز خجلت بلبل مخمور آمل برنمی‌آید