Бо чархи сифла , ҳиммати мо дар набард буд

با چرخ سفله، همّت ما در نبرد بود

Гар рӯзгор пушт намедод мард буд

گر روزگار پشت نمی داد مرد بود

Як кас ба ғайри доғ ба мо гарм барнахурад

یک کس به غیر داغ به ما گرم برنخورد

То буд ҳамдамӣ ба нафасҳои сард буд

تا بود همدمی به نفسهای سرد بود

Чун заъфарон , хазон ман омад баҳори ман

چون زعفران، خزان من آمد بهار من

Эксири шодмонии мо ранги зард буд

اکسیر شادمانی ما رنگ زرد بود

Аз ёди сарди меҳряти афсарад дар фироқ

از یاد سرد مهریت افسرد در فراق

Доғи дилам ки анҷумани афрӯзи дард буд

داغ دلم که انجمن افروز درد بود

Мо озмудаем ҳазин , кори рӯзгор

ما آزموده ایم حزین ، کار روزگار

Поси вафо , тафовути номарду мард буд

پاس وفا، تفاوت نامرد و مرد بود