Ба ҳинд , гашта замини гир , нотавонии мо
به هند، گشته زمین گیر، ناتوانی ما
Расидааст ба шаб , рӯзи зиндагонии мо
رسیده است به شب، روز زندگانی ما
Ба мо қафаси ватанон , навбаҳор ме хандад
به ما قفس وطنان، نوبهار می خندد
Хазон расед ва нашуд Фслгл фишонӣ мо
خزان رسید و نشد فصلگل فشانی ما
Канору ҷайби ду олам ба даст чок уфтад
کنار و جیب دو عالم به دست چاک افتد
Агар з парда барояд ғам наоне мо
اگر ز پرده برآید غم نهانی ما
Хазони чеҳраи мо рашки лола зор шавад
خزان چهرهٔ ما رشک لاله زار شود
Агар баҳор кунад , ашки арғавонии мо
اگر بهار کند، اشک ارغوانی ما
Куҷост тоири қудси ошиёнае ки занад
کجاست طایر قدس آشیانه ای که زند
зи шохи сидраи сафирӣ ба ҳамзабонии мо ?
ز شاخ سدره صفیری به همزبانی ما؟
Сафар ба сояи он сарв пойдор кунем
سفر به سایه آن سرو پایدار کنیم
Агар камӣ накунад , умри ҷовдонии мо
اگر کمی نکند، عمر جاودانی ما
Ҳазор нашутур алмос дар ҷигар дорем
هزار نشتر الماس در جگر داریم
Сазад ки ишқ бинозад ба сахти ҷонии мо
سزد که عشق بنازد به سخت جانی ما
Ғами асирӣ худ мехӯрем , козод аст
غم اسیری خود می خوریم، کازاد است
зи тавқи фохтагон , сарви бӯстонии мо
ز طوق فاختگان، سرو بوستانی ما
Нишоти боғ ба мо талх шеванон нарасад
نشاط باغ به ما تلخ شیونان نرسد
Рамидаи тоири айш аз ҳам ошёнии мо
رمیده طایر عیش از هم آشیانی ما
Агар чаҳ рухсат гуфтан надоштем ҳазин
اگر چه رخصت گفتن نداشتیم حزین
Ҳазор нукта фурӯ хонд , бе забонии мо
هزار نکته فرو خواند، بی زبانی ما