Дил бе ҷиҳати шикоятӣ аз рӯзгор кард
دل بی جهت شکایتی از روزگار کرد
Ҳар кор кард , ёр Фромўшкор кард
هر کار کرد، یار فراموشکار کرد
Аз ваъдаи висол , ғам аз дил наме равад
از وعدهٔ وصال، غم از دل نمی رود
Натавон ба буии бодаи алоҷ хумор кард
نتوان به بوی باده علاج خمار کرد
Гули гули шкФти доғи ту аз домани дилам
گل گل شکفت داغ تو از دامن دلم
Ин дашт барқ тохта охир баҳор кард
این دشت برق تاخته آخر بهار کرد
намекард коши чора бе тобии маро
می کرد کاش چارهٔ بی تابی مرا
Машшотае ки зулфи туро тобдор кард
مشّاطه ای که زلف تو را تابدار کرد
Аз дил намеравад ба висоли абади бурун
از دل نمی رود به وصال ابد برون
Хӯнӣ ки дар дилами ситам интизор кард
خونی که در دلم ستم انتظار کرد
Бо бе қарории дили ошиқ чаҳ мекунад ?
با بی قراری دل عاشق چه می کند؟
Ҳасанӣ ки оби оинаро мавҷ дор кард
حسنی که آب آینه را موج دار کرد
Дар дидаи бас ки барқи нигоҳи ту гарм буд
در دیده بس که برق نگاه تو گرم بود
Ашки маро ба домани мижгон шарор кард
اشک مرا به دامن مژگان شرار کرد
Ёди ту бас ки мегузарад гарм аз дилам
یاد تو بس که می گذرد گرم از دلم
Чун барги лолаи синаи ман доғдор кард
چون برگ لاله سینهٔ من داغدار کرد
Ҳаргизи хаданги чархи зи сайдӣ хато нашуд
هرگز خدنگ چرخ ز صیدی خطا نشد
Ин ҳалқаи камони чиқадрҳо шикор кард
این حلقهٔ کمان چقدرها شکار کرد
Мавҷи табассуми хуши он ғунчаи лаби ҳазин
موج تبسّم خوش آن غنچه لب حزین
Доғи дили марои гули субҳ баҳор кард
داغ دل مرا گل صبح بهار کرد