Ашками намак ба доман носур ме кунад
اشکم نمک به دامن ناسور می کند
Дрбои зи рашк ҳавсилаам шӯр ме кунад
دربا ز رشک حوصله ام شور می کند
Бедоди новаки мижаи зҳроби додҳои
بیداد ناوک مژه زهراب دادهای
Ҳарҷо дилии сети хона занбӯр ме кунад
هرجا دلی ست خانهٔ زنبور می کند
Моро тани заъиф чаҳ бошад ? ки кӯҳ ро
ما را تن ضعیف چه باشد؟ که کوه را
Ғами нотавонтар аз камар мӯр ме кунад
غم ناتوان تر از کمر مور می کند
Набӯд ҳарифи ратли гарон , ақли шишаи дил
نبود حریف رطل گران، عقل شیشه دل
Бе ҷои ситеза бо май пар зӯр ме кунад
بی جا ستیزه با می پر زور می کند
Пайдост дар миёна ки суд ва зиён кист
پیداست در میانه که سود و زیان کیست
Хафоаш агар чаҳ арбада бо нур ме кунад
خفّاش اگر چه عربده با نور می کند
То ҳамсарӣ ба дил накунад ҳар сабки сиррӣ
تا همسری به دل نکند هر سبک سری
Ҳасани имтиҳони ҳавсила тавр ме кунад
حسن امتحان حوصلهٔ طور می کند
Пос адаб бидор ки табъи ғаюри ишқ
پاس ادب بدار که طبع غیور عشق
Бозӣ ба хӯни ноҳақ Мансур ме кунад
بازی به خون ناحق منصور می کند
Дар зери пои ҳиммати мо поймол буд
در زیر پای همّت ما پایمال بود
Чархи ?данӣ ба мотами мо сур ме кунад
چرخ دنی به ماتم ما سور می کند
Дорад гадои майкадаи мо шикваи ҷам
دارد گدای میکدهٔ ما شکوه جم
Соғари зи косаи сар фағфур ме кунад
ساغر ز کاسهٔ سر فغفور می کند
Сайрами зи ҷон ки бенамакиҳои рӯзгор
سیرم ز جان که بی نمکی های روزگار
Оби ҳаётро ба лабам шӯр ме кунад
آب حیات را به لبم شور می کند
Миннатпазир ишқам агар ҳиҷр вагар висол
منّت پذیر عشقم اگر هجر و گر وصال
Ёдати тасаллии дил маҳҷӯр ме кунад
یادت تسلی دل مهجور می کند
Мижгон ба давр ӯ набӯд чун сиёҳи маст
مژگان به دور او نبود چون سیاه مست
Чашми ту бода дар рук махмур ме кунад
چشم تو باده در رک مخمور می کند
Бинад саводи калаки ту ризвон , агар ҳазин
بیند سواد کلک تو رضوان، اگر حزین
Ҳар нуқта , холи кунҷи лаб ҳур ме кунад
هر نقطه، خال کنج لب حور می کند