Бар фарозад чу илм , оҳи саҳаргоҳии мо

بر فرازد چو علم، آه سحرگاهی ما

Ду ҷаҳон пар шавад аз кавкабаи шоҳии мо

دو جهان پر شود از کوکبه شاهی ما

Дар ҳақиқат бар мо , бути шикании худшикании сет

در حقیقت بر ما، بت شکنی خودشکنی ست

Сяти ислом буд , бонги анои аллоҳии мо

صیت اسلام بود، بانگ انا اللّهی ما

Бас ки бори ғами ҳиҷри ту , гарони афтодаи сет

بس که بار غم هجر تو، گران افتاده ست

Соя , аз заъф надорад сари ҳамроҳии мо

سایه، از ضعف ندارد سر همراهی ما

Чун дили арши ҷаноб , оина дорӣ дорем

چون دل عرش جناب، آینه داری داریم

Кӯи Сикандар ки занад кӯси фалаки ҷоҳии мо ?

کو سکندر که زند کوس فلک جاهی ما؟

Сафи мижгони тугар соя ба дарё фиканд

صف مژگان تو گر سایه به دریا فکند

Хор қуллоб шавад дар бадани моҳии мо

خار قلاب شود در بدن ماهی ما

Пеши чашми ту , зи ғамгар бгдозим чу шамъ

پیش چشم تو، ز غم گر بگدازیم چو شمع

Бар ту равшан нашавад меҳнати ҷонкоҳии мо

بر تو روشن نشود محنت جانکاهی ما

Ҳайрати олами об , оинаи мости ҳазин

حیرت عالم آب، آینه ماست حزین

Соғари бода буд сайқали огоҳии мо

ساغر باده بود صیقل آگاهی ما