Ғами тўгўнаҳ ӣ гулнорро каҳрабо созад
غم توگونه ی گلنار را کهربا سازد
Ба ишқ ҳар чаҳ миси оранд кимиё созад
به عشق هر چه مس آرند کیمیا سازد
Дубораи зиндагии ҳашари марги мўъўдист
دوباره زندگی حشر مرگ موعودیست
зи хоки кӯии ту моро агар ҷудо созад
ز خاک کوی تو ما را اگر جدا سازد
Ғурури ноз ту дорад зи лутфи маъюсам
غرور ناز تو دارد ز لطف مأیوسم
Аҷаб ки буии ту бо қосид сабо созад
عجب که بوی تو با قاصد صبا سازد
Чу гул ба синаи сад чоки ман чаҳ май хндӣ ?
چو گل به سینهٔ صد چاک من چه می خندی؟
Ғами ту перҳани ғунчаро қабо созад
غم تو پیرهن غنچه را قبا سازد
Ҷудо ба марг нигарадам зи ошнои рӯбӣ
جدا به مرگ نگردم ز آشنا روبی
Ки аз лабам ба суханҳои ошно созад
که از لبم به سخنهای آشنا سازد
Ҳазин ба синаи дилии фориғ аз даво дорам
حزین به سینه دلی فارغ از دوا دارم
Ки дарди ишқ ба дилҳои мубтало созад
که درد عشق به دلهای مبتلا سازد