Куҷои поси ҳиҷоб аз зоҳид бепер меояд ?

کجا پاس حجاب از زاهد بی‌پیر می‌آید؟

Ки то майхонаи ҳам бо хирқа тазвир ме ояд

که تا میخانه هم با خرقهٔ تزویر می‌آید

Мазан дам бо ман оташи нафас дар шкроФшонӣ

مزن دم با من آتش نفس در شکرافشانی

Туро эй субҳи хом , аз коми буи шер ме ояд

تو را ای صبح خام، از کام بوی شیر می‌آید

Дило осон намеояд ба кафи сомони озодӣ

دلا آسان نمی‌آید به کف سامان آزادی

Агар аз ақли рстӣ , ишқ домангир ме ояд

اگر از عقل رستی، عشق دامنگیر می‌آید

Назарбозии маро гармаст бо хуршеди рухсорӣ

نظربازی مرا گرم است با خورشید رخساری

Ки об аз диданаш дар дида тасвир ме ояд

که آب از دیدنش در دیدهٔ تصویر می‌آید

Надорам фурсати он то ҷавоби нома боз ояд

ندارم فرصت آن تا جواب نامه باز آید

Расад бар лаби марои ҷони зуду қосид дайр ме ояд

رسد بر لب مرا جان زود و قاصد دیر می‌آید

Аҷал кӣ мезанад меҳр хамӯшӣ бар лаби мардон ?

اجل کی می‌زند مهر خموشی بر لب مردان؟

Мазори мо Нитсаатон гашту бонг шер ме ояд

مزار ما نیستان گشت و بانگ شیر می‌آید

Ҳазини овозаи маҷнӯн фурӯ нанишаст ва нанишинад

حزین آوازهٔ مجنون فرو ننشست و ننشیند

Ки аз шӯри биёбони нола занҷир ме ояд

که از شور بیابان نالهٔ زنجیر می‌آید