Холии дамии зи дарди ту ин нотавон набӯд
خالی دمی ز درد تو این ناتوان نبود
Бенолаҳои зор , не устихон набӯд
بی ناله های زار، نی استخوان نبود
Гулзор ҳасан туаст каз одам дамида аст
گلزار حسن توست کز آدم دمیده است
Ҳаргизи маро ба мушти гулии ин гумон набӯд
هرگز مرا به مشت گلی این گمان نبود
Зулф ту дошт ҷониб кӯтоҳ дастем
زلف تو داشت جانب کوتاه دستیم
Ҳаргизи зи норасои хешам забон набӯд
هرگز ز نارسایی خویشم زبان نبود
Худро чаро зи майкадаи беруни барад касе ?
خود را چرا ز میکده بیرون برد کسی؟
Тақсири бихўдии сет ки дркФ Аннан набӯд
تقصیر بیخودی ست که درکف عنان نبود
Охири ҳиҷоби ҳасан ба бегонагӣ кашид
آخر حجاب حسن به بیگانگی کشید
Ёди он замон ки мо ва туе дар миён набӯд
یاد آن زمان که ما و تویی در میان نبود
Доғ ҷаҳон фурӯз канори дил ман аст
داغ جهان فروز کنار دل من است
Он гавҳарӣ ки дар садафи баҳр ва кон набӯд
آن گوهری که در صدف بحر و کان نبود
Коши он гули шукуфта дар оғӯши хору хас
کاش آن گل شکفته در آغوش خار و خس
намезад пиёла лек ба мо саргарон набӯд
می زد پیاله لیک به ما سرگران نبود
Аҳвол нотавонем аз чашм худ шунид
احوال ناتوانیم از چشم خود شنید
Кор забон набӯд агар тарҷумон набӯд
کار زبان نبود اگر ترجمان نبود
Фориғи туе ва гарна ба Кувайти з дида ам
فارغ تویی و گرنه به کویت ز دیده ام
Ҳаргиз нашуд ки қосиди ашкӣ равон набӯд
هرگز نشد که قاصد اشکی روان نبود
Дардати насибаи дили ағёри ҳам расонад
دردت نصیبهٔ دل اغیار هم رساند
Ҳаргизи матоъи ҷаври чунин ройгон набӯд
هرگز متاع جور چنین رایگان نبود
Сар то ба пой , маҳшари захми тағофулам
سر تا به پای، محشر زخم تغافلم
Тирӣ дигар ба кеши ту абрӯ камон набӯд
تیری دگر به کیش تو ابرو کمان نبود
Дар зери бол худ гузаронадам баҳору дай
در زیر بال خود گذراندم بهار و دی
Кории маро ба хору хас ошён набӯд
کاری مرا به خار و خس آشیان نبود
Умрии ҳазини нишонаи он ғамзаи будҳои
عمری حزین نشانهٔ آن غمزه بودهای
Ёди замонае ки вафо бенишон набӯд
یاد زمانه ای که وفا بی نشان نبود