Набӯд аҷаб ки аз дили мо шӯр шуд баланд
نبود عجب که از دل ما شور شد بلند
Ҷое ки дӯди ҳавсила тавр шуд баланд
جایی که دود حوصلهٔ طور شد بلند
Шуд мавҷи зани зи ҷилва ӯ сайли фитна Эй
شد موج زن ز جلوهٔ او سیل فتنه ای
Гирди харобӣ аз дил маъмур шуд баланд
گرد خرابی از دل معمور شد بلند
Ҳаргиз набӯд умри фироқи ин қадари дароз
هرگز نبود عمر فراق این قدر دراز
Аз ёди зулф ӯ шаб диҷўр шуд баланд
از یاد زلف او شب دیجور شد بلند
Кӯтаҳ кунад фасонаи гулбонги андалеб
کوته کند فسانهٔ گلبانگ عندلیب
Ҳар ҷои ҳадиси он рух мастур шуд баланд
هر جا حدیث آن رخ مستور شد بلند
Як чанд рози ишқи зи хомони наҳуфта буд
یک چند راز عشق ز خامان نهفته بود
Бози ин тарона аз лаб Мансур шуд баланд
باز این ترانه از لب منصور شد بلند
ё раб ки дид сарви сеӣ пайкари ту ро
یا رب که دید سرو سهی پیکر تو را
Коўозаҳаш чу мисра машҳур шуд баланд ?
کآوازه اش چو مصرع مشهور شد بلند؟
Бонг дарост қофилаи дардро ҳазин
بانگ دراست قافله درد را حزین
Ҳар нолае ки аз дил ранҷур шуд баланд
هر ناله ای که از دل رنجور شد بلند