Обу рангӣ ба чамани файзи гулистон ту дод
آب و رنگی به چمن فیض گلستان تو داد
Ғунчаро ҷоми шукуфтан , лаби хандон ту дод
غنچه را جام شکفتن، لب خندان تو داد
Бомдодон накунам пораи гиребон , чаҳ кунам ?
بامدادان نکنم پاره گریبان، چه کنم؟
Сина ӣ субҳи нишонеи зи гиребон ту дод
سینه ی صبح نشانی ز گریبان تو داد
Умрҳо дар талаби чашма ҳайвон будам
عمرها در طلب چشمهٔ حیوان بودم
Хизр шуд хату суроғам ба занхдон ту дод
خضر شد خط و سراغم به زنخدان تو داد
Ханда бар субҳ задӣ ъушрат ҳар рӯзаи ман
خنده بر صبح زدی عشرت هر روزهٔ من
Сар ба ҷонами ғами олам , шаби ҳиҷрон ту дод
سر به جانم غم عالم، شب هجران تو داد
Карда сармасти зулолӣ май райҳонии ту
کرده سرمست زلالی می ریحانی تو
Нами файзӣ ба суфолами хати райҳон ту дод
نم فیضی به سفالم خط ریحان تو داد
Шӯри савдо ба серуми зулфи парешони ту рехт
شور سودا به سرم زلف پریشان تو ریخت
Печу тобӣ ба серум , турраи печон ту дод
پیچ و تابی به سرم ، طرّه پیچان تو داد
Май дамад аз қаламати сувари сроФили ҳазин
می دمد از قلمت صور سرافیل حزین
Маҳшар , ошӯби худ имрӯз ба девон ту дод
محشر، آشوب خود امروز به دیوان تو داد