Бархез сӯии олами боло бурун рӯем
برخیز سوی عالم بالا برون رویم
Аз худ ба ёди он қади раъно бурун рӯем
از خود به یاد آن قد رعنا برون رویم
Мутриб раҳе бисанҷ ки аз ҷо бурун рӯем
مطرب رهی بسنج که از جا برون رویم
То дасти дили гирифтаи зи дунёи буруни рўбм
تا دست دل گرفته ز دنیا برون روبم
Ин хокмол , қатраи моро сазо набӯд
این خاکمال، قطرهٔ ما را سزا نبود
Моро ки гуфта буд зи дарё бурун рӯем ?
ما را که گفته بود ز دریا برون رویم؟
Шаҳрии тамоми толиб савдоӣ Юсуфанд
شهری تمام طالب سودای یوسفند
Мо ҳам биё ба азми тамошо бурун рӯем
ما هم بیا به عزم تماشا برون رویم
Дар парда беш изоин натавон ҷом май задан
در پرده بیش ازاین نتوان جام می زدن
Соғари занони зи майкада , расво бурун рӯем
ساغر زنان ز میکده، رسوا برون رویم
Юсуф ба васли золи ҷаҳон тан наме диҳад
یوسف به وصل زال جهان تن نمی دهد
Домани кашони зи чанги Зулайхо бурун рӯем
دامن کشان ز چنگ زلیخا برون رویم
Дар рақси шавқ , хурдаи ҷон аз паии нисор
در رقص شوق، خردهٔ جان از پی نثار
Бар каф наҳем ва чун шарар аз ҷо бурун рӯем
بر کف نهیم و چون شرر از جا برون رویم
Ошиқ ба шаҳри банди хирад чун буд ? биё
عاشق به شهر بند خرد چون بود؟ بیا
Девонаи вор рӯй ба саҳро бурун рӯем
دیوانه وار روی به صحرا برون رویم
Авроқи рангу буи ба боди фанои диҳем
اوراق رنگ و بوی به باد فنا دهیم
Аз зери миннати чамани оро бурун рӯем
از زیر منّت چمن آرا برون رویم
Мастонаи ҷилваҳои ҷунун роҳ ме занад
مستانه جلوه های جنون راه می زند
Аз қайди ақл , сархушу шайдо бурун рӯем
از قید عقل ، سرخوش و شیدا برون رویم
Шабнами сифат ба зайл вафое занем чанг
شبنم صفت به ذیل وفایی زنیم چنگ
Змбни хокдон ба ҳиммати воло бурун рӯем
زمبن خاکدان به همّت والا برون رویم
Моро ба ранги ғунчаи дил аз гулистон гирифт
ما را به رنگ غنچه دل از گلستان گرفت
Чун лолаи синаи чок ба саҳро бурун рӯем
چون لاله سینه چاک به صحرا برون رویم
Ин май ҳазин , ифозаи миноӣ ҷомӣ аст
این می حزین ، افاضهٔ مینای جامی است
Бар кафи гирифтаи ҷоми мусаффо бурун рӯем
بر کف گرفته جام مصفّا برون رویم