Ба ёди ҷилваи шухӣ , сабки з ҷо рафтам

به یاد جلوهٔ شوخی، سبک ز جا رفتم

Чу буии гули ҳамаи ҷои ҳамраҳ сабо рафтам

چو بوی گل همه جا همره صبا رفتم

Миёнаи ман ва он тири ғамзаи аҳдӣ буд

میانهٔ من و آن تیر غمزه عهدی بود

Ба ин нишона ки аз хотир вафо рафтам

به این نشانه که از خاطر وفا رفتم

Гадои сиришти висолам , гуруснаи чашми нигоҳ

گدا سرشت وصالم، گرسنه چشم نگاه

зи кӯй ӯ ҳамаи ҷо , рӯй дар қафо рафтам

ز کوی او همه جا، روی در قفا رفتم

зи маҳфили сари зулфаш хабар набӯд маро

ز محفل سر زلفش خبر نبود مرا

Ба раҳнамӯнии дилҳои мубтало рафтам

به رهنمونی دلهای مبتلا رفتم

Равои мадор ки бегонагӣ ба пеш ояд

روا مدار که بیگانگی به پیش آید

Ки ман зи раҳ ба нигаҳҳои ошно рафтам

که من ز ره به نگه های آشنا رفتم

Сари иродати ҳиммат ба пой таслим аст

سر ارادت همّت به پای تسلیم است

зи дайру савмиъа беарз муддао рафтам

ز دیر و صومعه بی عرض مدّعا رفتم

зи дайри чашми дилами файз каъба ёфт ҳазин

ز دیر چشم دلم فیض کعبه یافت حزین

Ки омадам ҳавас олуд ва порсо рафтам

که آمدم هوس آلود و پارسا رفتم