зи овози хуши он ғунчаи лаб , то давр шуд гӯшам
ز آواز خوش آن غنچه لب، تا دور شد گوشم
Ба хӯни оғиштатар аз пунба носур шуд гӯшам
به خون آغشته تر از پنبه ناسور شد گوشم
Чаҳ сон бо ихтилоти ин мунофиқи пешагони созам ?
چه سان با اختلاط این منافق پیشگان سازم؟
Ки аз сози мухолифи коса тнбўр шуд гӯшам
که از ساز مخالف کاسه طنبور شد گوشم
Надорам чора чун бо аблаҳони ҷузи мустамеъ бӯдан
ندارم چاره چون با ابلهان جز مستمع بودن
Чу саҳрои қиёмат , арсаи гоҳ шӯр шуд гӯшам
چو صحرای قیامت، عرصه گاه شور شد گوشم
Кам аз каждум набошад ихтилоти талхи гуфторон
کم از کژدم نباشد اختلاط تلخ گفتاران
зи баси неш забон хӯрд аз хасон , ранҷур шуд гӯшам
ز بس نیش زبان خورد از خسان، رنجور شد گوشم
Чу бо ин мурдаи табъони зиндаи дргўрми дарин маҳфил
چو با این مرده طبعان زنده درگورم درین محفل
Аҷаб набӯд агар сӯрохи мору мӯри шдгўшм
عجب نبود اگر سوراخ مار و مور شدگوشم
Надорад сарфаи ҷузи шӯридаи мағзии файзи суҳбатҳо
ندارد صرفه جز شوریده مغزی فیض صحبتها
зи ҳарф реза хонон хона занбӯр шуд гӯшам
ز حرف ریزه خوانان خانهٔ زنبور شد گوشم
Асири змҳрири суҳбати гарми ахтлотонм
اسیر زمهریر صحبت گرم اختلاطانم
зи дами сардони олами махзан кофур шуд гӯшам
ز دم سردان عالم مخزن کافور شد گوشم
намеуфтад халал дар вақтам аз ошуфтаи гуфторон
نمی افتد خلل در وقتم از آشفته گفتاران
зи бонги дӯст чун доролҳзўр тавр шуд гӯшам
ز بانگ دوست چون دارالحضور طور شد گوشم
Ҳазин аз бас ки додам дараҷаон дод сухан санҷӣ
حزین از بس که دادم درجهان داد سخن سنجی
Ба гўҳрпрўриҳо чун садаф машҳур шуд гӯшам
به گوهرپروری ها چون صدف مشهور شد گوشم