Даст бар дил кӣ дарин ваҳшати саро май доштам ?
دست بر دل کی درین وحشت سرا می داشتم؟
Барқ май гаштам агар неруии по май доштам
برق می گشتم اگر نیروی پا می داشتم
Дардро ёрон ба миннат бар дил мо ме ниҳанд
درد را یاران به منّت بر دل ما می نهند
Оҳ агар зини сифлагони чашми даво май доштам
آه اگر زین سفلگان چشم دوا می داشتم
Гар умеди илтифотӣ буд аз хоки раҳаш
گر امید التفاتی بود از خاک رهش
Дидаро дар мақдами боди сабо май доштам
دیده را در مقدم باد صبا می داشتم
Гар ба кор ман намеафтод аз миннати гиреҳ
گر به کار من نمی افتاد از منّت گره
Дил ба пеши нохуни мушкили гшо май доштам
دل به پیش ناخن مشکل گشا می داشتم
Аз дилаши бегонагиро маҳв мекардам ҳазин
از دلش بیگانگی را محو می کردم حزین
Роҳи ҳарфигар ба он дайри ошно май доштам
راه حرفی گر به آن دیر آشنا می داشتم