Саҳари ашками хурушон буду оҳами шевани афкани ҳам
سحر اشکم خروشان بود و آهم شیون افکن هم
Дил шӯрида менолиду ноқавси брҳмни ҳам
دل شوریده می نالید و ناقوس برهمن هم
Нае ҳам чашми ман , эй шамъи маҳфили гиряи кмтркн
نه ای هم چشم من، ای شمع محفل گریه کمترکن
Сиришк аз дида меборид бо ман абри баҳмани ҳам
سرشک از دیده می بارید با من ابر بهمن هم
Тамошои гулу сунбули фиребад кӣ нигоҳамро ?
تماشای گل و سنبل فریبد کی نگاهم را؟
Ки чашмӣ ме тавонам об дод аз дӯди гулхани ҳам
که چشمی می توانم آب داد از دود گلخن هم
Шабу рӯз дигар май боядам аз зулфу рухсораш
شب و روز دگر می بایدم از زلف و رخسارش
Шаби торик дар ёдаши гузашту рӯзи равшани ҳам
شب تاریک در یادش گذشت و روز روشن هم
Ба маҳшар май барам сармоя , заҳролӯди пайконе
به محشر می برم سرمایه، زهرآلود پیکانی
Ки чашм илтифотӣ дошт тираш бо дили ман ҳам
که چشم التفاتی داشت تیرش با دل من هم
Бен ҳар лухти санг аз хуш нишинон медиҳад ёдӣ
بن هر لخت سنگ از خوش نشینان می دهد یادی
Парешони сояҳои бед дар домони гулшани ҳам
پریشان سایه های بید در دامان گلشن هم
Маҳоласт инки аз афсона бо хоб ошно дорад
محال است اینکه از افسانه با خواب آشنا دارد
Ба роҳати дидаи ҳайрати нигоҳон , чашми равзани ҳам
به راهت دیدهٔ حیرت نگاهان، چشم روزن هم
Фароғати гӯша ҳо дорем , ҳар ҷо хуш кунӣ биншин
فراغت گوشه ها داریم، هر جا خوش کنی بنشین
Дили холии зи ғайру дидаи покизаи домани ҳам
دل خالی ز غیر و دیدهٔ پاکیزه دامن هم
Ғубори раҳгузорати гаштам ва аз сргрониҳо
غبار رهگذارت گشتم و از سرگرانیها
НиФшондии кафи хоки маро дар чашми душмани ҳам
نیفشاندی کف خاک مرا در چشم دشمن هم
Ту то рафтӣ зи гулзор , эй баҳори коми бахшеҳо
تو تا رفتی ز گلزار، ای بهار کام بخشیها
Парешони турра сунбул шуд , гиребони пораи сӯсани ҳам
پریشان طره سنبل شد، گریبان پاره سوسن هم
Ҳазини инсоф агар бошад чаро гули вокнди гӯшӣ ?
حزین انصاف اگر باشد چرا گل واکند گوشی؟
Ним хомӯши гашту андалебони нўозни ҳам
نیم خاموش گشت و عندلیبان نوازن هم