Миннат накушуд ҳамтем аз дасти дуое
منت نکشد همّتم از دست دعایی
Зад ғайрати ман ҳар ду ҷаҳонро сарпое
زد غیرت من هر دو جهان را سرپایی
Ғами парда дару сабри зи мо гӯшаи гирифтаи сет
غم پرده در و صبر ز ما گوشه گرفته ست
эй мутриби кӯтаҳи нафаси овози расое
ای مطرب کوته نفس آواز رسایی
Гар зери фалак танг шавад доман дил ҳаст
گر زیر فلک تنگ شود دامن دل هست
Аз дили нафасӣ то бикашам нест фазойӣ
از دل نفسی تا بکشم نیست فضایی
Бо ишқ чаҳ поед хасу хошоки вуҷӯдам ?
با عشق چه پاید خس و خاشاک وجودم؟
Ин шуълаи мабодо ки кунад нашаву намое
این شعله مبادا که کند نشو و نمایی
Хуши хирқа ӣ солус ба мо танги гирифтаи сет
خوش خرقه ی سالوس به ما تنگ گرفته ست
эй чоки гиребони дил , имрӯзи куҷое ?
ای چاک گریبان دل، امروز کجایی؟
Дар кӯии ту чун шуъла ки аз тавр кашад сар
در کوی تو چون شعله که از طور کشد سر
Аз нолаи ушшоқ баландаст навое
از نالهٔ عشّاق بلند است نوایی
Дода сети ғамати рухсати шабгир ба оҳам
داده ست غمت رخصت شبگیر به آهم
Шояд расад ин қосид бедард ба ҷое
شاید رسد این قاصد بی درد به جایی
Худ кист ҳазин то ки азу ранҷа кунӣ дил ?
خود کیست حزین تا که ازو رنجه کنی دل؟
Дарюзаи парасти нигаҳӣ , ишваи гадоӣ
دریوزه پرست نگهی، عشوه گدایی