Яке марди донои дили ҳӯшёр

یکی مرد دانا دل هوشیار

Ду кӯдак ба ҳам дид дар раҳгузор

دو کودک به هم دید در رهگذار

Яке бо асали Нонаши омехта

یکی با عسل نانش آمیخته

Дгрро ба нони дўғкии рбхтаҳ

دگررا به نان دوغکی ربخته

зи кӯдаки мизоҷяши кӯ дуғ дошт

ز کودک مزاجیش کو دوغ داشت

Ба сӯии асали дасти хоҳиши фаррошат

به سوی عسل دست خواهش فراشت

Худованди шаҳдаш ҳаме гуфт боз

خداوند شهدش همی گفت باز

Ки эй бар кафами дӯхтаи чашми оз

که ای بر کفم دوخته چشم آز

Саги ман шӯ акнӯн ки дории тамаъ

سگ من شو اکنون که داری طمع

Вагар на меало либоси вараъ

وگر نه میالا لباس ورع

Шуд охири сагаши кӯдаки табъи кеш

شد آخر سگش کودک طبع کیش

Надидаи асали ҷӯй бе заҳри неш

ندیده عسل جوی بی زهر نیش

Ба ҳар сӯ кашидаш ба сад дарди ҷуфт

به هر سو کشیدش به صد درد جفت

Шунидам ки донанда бо хеш гуфт

شنیدم که داننده با خویش گفت

Абои дуғ , кӯдак агар сохтӣ

ابا دوغ، کودک اگر ساختی

Куҷои саги кашон аз пеши тохтӣ

کجا سگ کشان از پیش تاختی

Фироқи ду олами тамаъи кеши бохт

فراغ دو عالم طمع کیش باخت

Хунаки он ки бо қисмати хеши сохт

خنک آن که با قسمت خویش ساخت

Дарин пардаи вайронӣ ободӣ аст

درین پرده ویرانی آبادی است

Раҷои бандагии ёс озодӣ аст

رجا بندگی یاس آزادی است

Мадаи домани ёси осони зи даст

مده دامن یاس آسان ز دست

Бинозам дилӣ каз таманно бараст

بنازم دلی کز تمنا برست