Нишастем бо ҳам ба хоки Яман
نشستیم با هم به خاک یمن
Ману орифӣ чун Увайси қарн
من و عارفی چون اویس قرن
Сухан ронадам аз сирати раҳравон
سخن راندم از سیرت رهروان
Забонами равон буду табъами ҷавон
زبانم روان بود و طبعم جوان
Мақомоти мардон баён кардамӣ
مقامات مردان بیان کردمی
Ҳикоёт соҳибдилон кардамӣ
حکایات صاحبدلان کردمی
Дил аз улфати дил тавоно шавад
دل از الفت دل توانا شود
Забони гӯш чун ёфт , гуё шавад
زبان گوش چون یافت، گویا شود
Диҳад мустамеъи нутқро қӯтӣ
دهد مستمع نطق را قوتی
Азу ёфтам дар сухани қудратӣ
ازو یافتم در سخن قدرتی
Марои дил чу дарёии пурҷӯш буд
مرا دل چو دریای پرجوش بود
Гҳрснҷи деринаи хомӯш буд
گهرسنج دیرینه خاموش بود
Чу базми сухан гӯйӣ оростам
چو بزم سخن گویی آراستم
Адо кардам онро ки май хостам
ادا کردم آن را که می خواستم
Шунид ончӣ гуфтам ба самъи қабул
شنید آنچه گفتم به سمع قبول
Нашуд аз фузуни гӯйии ман малул
نشد از فزون گویی من ملول
Пас онгаҳ дар тарбияти бозкрд
پس آنگه در تربیت بازکرد
Дилами махзани гавҳар роз кард
دلم مخزن گوهر راز کرد
Ки всоФии хайри чандон ҳунар
که وصّافی خیر چندان هنر
Набошад ба мизони болиғи назар
نباشد به میزان بالغ نظر
Агар май туоне дарин куҳнаи дайр
اگر می توانی درین کهنه دیر
Барон шӯ , ки мавсуф бошӣ ба хез
بران شو، که موصوف باشی به خیز
Чу диданд кин ғофилон хуфта анд
چو دیدند کاین غافلان خفته اند
Ба ночор , гӯяндагон гуфта анд
به ناچار، گویندگان گفته اند
Набошад агар муддаои антбоаҳ
نباشد اگر مدعا انتباه
Хамӯшӣ савобасту гуфтани гуноҳ
خموشی ثواب است و گفتن گناه