Яке Тифл дидам ба шавқу шааф
یکی طفل دیدم به شوق و شعف
Ки аз аблаҳӣ дошт Марӣ ба каф
که از ابلهی داشت ماری به کف
Сало додам ӯро ва кардам наҳиф
صلا دادم او را و کردم نهیب
Ки аз даст бигзор мори маҳиб
که از دست بگذار مار مهیب
Дарин кӯдакӣ аз хиради сода Эй
درین کودکی از خرد ساده ای
Ба рангиняши дил абас дода Эй
به رنگینیش دل عبث داده ای
Фиребо чаҳ гардӣ ба нармии мор ?
فریبا چه گردی به نرمی مار؟
Ки охири براردи зи мағзати дамор
که آخر برآرد ز مغزت دمار
Бияфкан зи дасти худ ин ҷони гзоӣ
بیفکن ز دست خود این جان گزای
Ки улфати балоеи сет бо носазоӣ
که الفت بلایی ست با ناسزای
Муҳаббат набошад ба мор аз ршод
محبت نباشد به مار از رشاد
Миннат гуфтам эй Тифли оқили ниҳод
منت گفتم ای طفل عاقل نهاد
Буд мор , дунёии душмани сиришт
بود مار، دنیای دشمن سرشت
Чу Тифланд днёпрстони зишт
چو طفلند دنیاپرستان زشت
Ба олами басии душман дӯст рӯаст
به عالم بسی دشمن دوست روست
На ҳаркас кунад фарқи душмани зи дӯст
نه هرکس کند فرق دشمن ز دوست
Гирифтори афсун аҳрӣман аст
گرفتار افسون اهریمن است
Ки мағрури ин душман пурфан аст
که مغرور این دشمن پرفن است
Знобхрдӣ ҷонгдозӣ кунад
زنابخردی جانگدازی کند
Чўкўдк ки бо мор бозӣ кунад
چوکودک که با مار بازی کند