наме тавон бтўи шарҳи балоӣ ҳиҷрон кард

نمی‌توان به‌تو شرح بلای هجران کرد

Фитодаам бблоиӣ , ки шарҳ натавон кард

فتاده‌ام به بلایی‌، که شرح نتوان کرد

зи рӯзгори марои худ ҳамеша дардӣ буд

ز روزگار مرا خود همیشه دردی بود

Ғам ту омад ва онро ҳазор чандон кард

غم تو آمد و آن را هزار چندان کرد

Балои ҳиҷри ту мушкил буд , хуши он бедил

بلای هجر تو مشکل بود، خوش آن بیدل

Ки марди пеши туу кор бар худ осон кард

که مُرد پیش تو و کار بر خود آسان کرد

Хаёли куштан ман дошт ваа ! чаҳ шуд ёрб ?

خیال کشتن من داشت وه! چه شد یارب؟

Кадоми сангдили он шӯхро пушаймон кард ?

کدام سنگدل آن شوخ را پشیمان کرد؟

Ҷароҳати дили мо бар табиб зоҳир нест

جراحت دل ما بر طبیب ظاهر نیست

Ки тири ғамза ӯ ҳар чаҳ кард пинҳон кард

که تیر غمزه او هر چه کرد‌ پنهان کرد

Наёфт лиззати арбоби завқ , бе дардӣ

نیافت لذت ارباب ذوق، بی‌دردی

Ки қадар дард надонисту фикр дармон кард

که قدر درد ندانست و فکر درمان کرد

Ҳилолӣ , аз дили маҷрӯҳи ман чаҳ май пурсӣ ?

هلالی، از دل مجروح من چه می‌پرسی؟

Харобае ки ту дидӣ фироқ вайрон кард

خرابه‌ای که تو دیدی فراق ویران کرد

Хониш
шморҳ 106 — ъндлӣб