Афрӯхт рангат аз май ва дилҳо кабоб шуд

افروخت رنگت از می و دلها کباب شد

Рӯй ту моҳ буд , кунун офтоб шуд

روی تو ماه بود، کنون آفتاب شد

Гуфтам : бадӯри ишқи ту созами сарои айш

گفتم: بدور عشق تو سازم سرای عیش

Ғами хонае , ки доштам , он ҳам хароб шуд

غم خانه ای، که داشتم، آن هم خراب شد

Ин оҳи гарм бесабабӣ нест дам бидам

این آه گرم بی سببی نیست دم بدم

ё синаи сӯхт , ё дили сӯзон кабоб шуд

یا سینه سوخت، یا دل سوزان کباب شد

Носеҳи забони кушод ки : таскин диҳад маро

ناصح زبان گشاد که: تسکین دهد مرا

Номи ту бараду мӯҷиби сад изтироб шуд

نام تو برد و موجب صد اضطراب شد

Хуноби дидаи ин ҳамаи доне ки аз куҷост ?

خوناب دیده این همه دانی که از کجاست؟

Хӯнӣ ки буд , дар дили ғмдидаҳ , об шуд

خونی که بود، در دل غمدیده، آب شد

Ҳар ҷо ки ҳаст рӯй ту , дар пеши чашми мост

هر جا که هست روی تو، در پیش چشم ماست

Кас дар миёни мо натавонад ҳиҷоб шуд

کس در میان ما نتواند حجاب شد

Фориғ нишаста буд ҳилолии бкўии зуҳд

فارغ نشسته بود هلالی بکوی زهد

Ногуҳи лаб ту диду хароб шароб шуд

ناگه لب تو دید و خراب شراب شد

Хониш
шморҳ 114 — ъндлӣб