Гули шкФту шавқи он гули чеҳра аз сар тоза шуд

گل شکفت و شوق آن گل چهره از سر تازه شد

Вои ҷони ман ! ки бар дили доғи дигар тоза шуд

وای جان من! که بر دل داغ دیگر تازه شد

Гирди он рухсори гули гавани хати з нигорӣ дамид

گرد آن رخسار گل گون خط زنگاری دمید

Ҳамчуи атрофи чаман , каз сабзатар тоза шуд

همچو اطراف چمن، کز سبزه تر تازه شد

Омад аз Кувайти насимӣ , ғунчаи дилҳо шкФт

آمد از کویت نسیمی، غنچه دلها شکفت

Гулшани ҷон зон насими рӯҳпарвар тоза шуд

گلشن جان زان نسیم روح پرور تازه شد

То гузаштии ҳамчуи оби Хизр бар тарафи чаман

تا گذشتی همچو آب خضر بر طرف چمن

Ҳар хасу хошок чун сарву санавбар тоза шуд

هر خس و خاشاک چون سرو و صنوبر تازه شد

Тавсанати бор дигар по бар рухи зардами ниҳод

توسنت بار دگر پا بر رخ زردم نهاد

Давлати ман байн ! ки бозами сиккаи зар тоза шуд

دولت من بین! که بازم سکه زر تازه شد

Захмҳои тири мижгони сар басар оварда буд

زخمهای تیر مژگان سر بسر آورده بود

Чун намаки пошидӣ аз лабҳо , саросар тоза шуд

چون نمک پاشیدی از لبها، سراسر تازه شد

Тоза шуд ҷони ҳилолӣ , то бхўни ошиқон

تازه شد جان هلالی، تا بخون عاشقان

Расми хунрезӣ аз он шӯхи ситамгар тоза шуд

رسم خونریزی از آن شوخ ستمگر تازه شد