Ид шуд , ҳар гӯша , халқии моҳ нав дорад ҳавас
عید شد، هر گوشه، خلقی ماه نو دارد هوس
Гӯша абрӯ намӯдӣ , моҳ мо инасту бас
گوشه ابرو نمودی، ماه ما اینست و بس
Ҳаст фардои ид ва ҳар каси моҳ нав дорад ҳавас
هست فردا عید و هر کس ماه نو دارد هوس
Иди мо рӯй туу моҳи нави абрӯии ту бас
عید ما روی تو و ماه نو ابروی تو بس
Мерӯй хандон ва мегӯйӣ : мубораки боди ид !
میروی خندان و میگویی: مبارک باد عید!
Ҳамчуи иди мо муборак нест иди ҳеҷ кас
همچو عید ما مبارک نیست عید هیچ کس
Дар ғамат ,гар ҷони бдшўории даҳум , маъзӯри дор
در غمت، گر جان بدشواری دهم، معذور دار
Зонка дил тангасту осон бар намеояд нафас
زانکه دل تنگست و آسان بر نمی آید نفس
Ёр рафт , эй дил , чаҳ суд аз нолаи шабгири ту ?
یار رفت، ای دل، چه سود از ناله شبگیر تو؟
Соҳиби маҳмил фароғат дорад аз бонги ҷарас
صاحب محمل فراغت دارد از بانگ جرس
Нола мекардам , саги кӯяш бФрёдм расед
ناله میکردم، سگ کویش بفریادم رسید
Ман саги кӯе каз онҷо ояд ин фарёди рас
من سگ کویی کز آنجا آید این فریاد رس
Пеши рухсори ту дил дар сина дорад изтироб
پیش رخسار تو دل در سینه دارد اضطراب
Ҳамчуи он мурғӣ , ки бошад мавсими гул дар қафас
همچو آن مرغی، که باشد موسم گل در قفس
Гар дилу ҷони ҳилолии зи оташи ғами сӯхти сӯхт
گر دل و جان هلالی ز آتش غم سوخت سوخت
Бар сари кӯии ту гӯ : ҳаргиз мабош ин хору хас
بر سر کوی تو گو: هرگز مباش این خار و خس