Оҳ ! аз он моҳи мусофир , ки наомад хабараш

آه! از آن ماه مسافر، که نیامد خبرش

ӯ сафар карда ва мо дар хатарем аз сафараш

او سفر کرده و ما در خطریم از سفرش

Рафтаму гиряи кунони рӯз видоъаш дидам

رفتم و گریه کنان روز وداعش دیدم

эй хуши он рӯз ки боз ояду байнам дигараш

ای خوش آن روز که باز آید و بینم دگرش

Дайр меояду ҷони мунтазир мақдам ӯст

دیر می آید و جان منتظر مقدم اوست

Мардум аз шавқ , худоё , бирасон зуди турш

مردم از شوق، خدایا، برسان زود ترش

Май пурди мурғи ҳавои ҷониб ӯ фориғи бол

می پرد مرغ هوا جانب او فارغ بال

Кош май буд ман длшдаҳро болу париш !

کاش می بود من دلشده را بال و پرش!

Гарчи имрӯзи марои кишт ва наомад басарам

گرچه امروز مرا کشت و نیامد بسرم

Коши фардои басари хок ман уфтад гузариш !

کاش فردا بسر خاک من افتد گذرش!

Дар фироқати зи ҳилолии асарӣ беш намонад

در فراقت ز هلالی اثری بیش نماند

Зуд бошад ки биёе ва наёбӣ асараш

زود باشد که بیایی و نیابی اثرش