Гар бхокм гузарад Юсуфи гули перҳанам
گر بخاکم گذرد یوسف گل پیرهنم
Буии пероҳан Юсуф шунаванд аз кафанам
بوی پیراهن یوسف شنوند از کفنم
БФроқи ту гирифтори терми рӯзи буруз
بفراق تو گرفتار ترم روز بروز
Каси бойени рӯзи гирифтори мабодо ки манам !
کس باین روز گرفتار مبادا که منم!
Кӯҳи ғами гаштам ва ҳар лаҳза кунам синаи хеш
کوه غم گشتم و هر لحظه کنم سینه خویش
Турфаи ҳолест ки ҳам кӯҳам ва ҳам кӯҳ кунам !
طرفه حالیست که هم کوهم و هم کوه کنم!
Лаб бибастам зи сухан , эй гули хандон , ки мабод
لب ببستم ز سخن، ای گل خندان، که مباد
Мардумони буи ту ёбанд зи ранги суханам
مردمان بوی تو یابند ز رنگ سخنم
Ҳар касе дар чамании ҳам нафаси сими танӣ
هر کسی در چمنی هم نفس سیم تنی
Ману кунҷи ғам ва дар синаи ҳамон сими танам
من و کنج غم و در سینه همان سیم تنم
Накунам ёди баҳор ва нарӯм сӯии чаман
نکنم یاد بهار و نروم سوی چمن
Чаҳ кунам ? дил накушояд зи баҳору чаманам
چه کنم؟ دل نگشاید ز بهار و چمنم
Гар дилам рафт , ҳилолӣ , гила аз дӯст хатост
گر دلم رفت، هلالی، گله از دوست خطاست
Дил чаҳ бошад ? ки агар ҷон баравад дам назанам
دل چه باشد؟ که اگر جان برود دم نزنم