Аз паии он дилбари ширини шамоил май рӯм

از پی آن دلبر شیرین شمایل می‌روم

Дили пай ӯ рафт ва ман ҳам аз паии дил май рӯм

دل پی او رفت و من هم از پی دل می‌روم

Май рӯми наздики он қассобу гӯ : хӯнам бирез

می‌روم نزدیک آن قصاب و گو: خونم بریز

Ман ҳалоки қатли хешам , сӯии қотил май рӯм

من هلاک قتل خویشم، سوی قاتل می‌روم

Гар занад теғ , аз сар кӯяш нахоҳам рафт , лек

گر زند تیغ، از سر کویش نخواهم رفت، لیک

Чанд гомии ҳамчуи мурғи ним бсмл май рӯм

چند گامی همچو مرغ نیم بسمل می‌روم

Чун бкўӣ ӯ рӯми тарсами рақибон пай баранд

چون به کوی او روم ترسم رقیبان پی برند

Зонка ман дар гиряи худ пой дар гул май рӯм

زانکه من در گریه خود پای در گل می‌روم

эй ки май гӯйӣ : бирав , таҳсили дарс ишқ кун

ای که می‌گویی: برو، تحصیل درس عشق کن

Май рӯм , аммо паии таҳсили ҳосил май рӯм

می‌روم، اما پی تحصیل حاصل می‌روم

Водии дарду бало дар ишқ ҳар як манзиласт

وادی درد و بلا در عشق هر یک منزل‌ست

Кардаам азми сафар , манзил , бмнзл май рӯм

کرده‌ام عزم سفر، منزل، به منزل می‌روم

Май рӯми сӯяши бостқболу хушҳолам ки боз

می‌روم سویش به استقبال و خوشحالم که باز

намерасад иқбол ва ман ҳам дар муқобил май рӯм

می‌رسد اقبال و من هم در مقابل می‌روم

Дар раҳи ишқ , эй ҳилолӣ , аз ман огоҳии мҷу

در ره عشق، ای هلالی، از من آگاهی مجو

Зонка ман ин роҳро бисёр ғофил май рӯм

زانکه من این راه را بسیار غافل می‌روم