Чанд пинҳон кунам афсонаи ҳиҷрон аз ту ?

چند پنهان کنم افسانه هجران از تو؟

Ҳоли ман бар ҳама пайдост , чаҳ пинҳон аз ту ?

حال من بر همه پیداست، چه پنهان از تو؟

Шамъи ҷамъӣу ҳамаи сӯхта васл тавонад

شمع جمعی و همه سوخته وصل تواند

Ганҷи ҳасанӣу ҷаҳонии ҳамаи вайрон аз ту

گنج حسنی و جهانی همه ویران از تو

Борӣ , эй кофар бераҳм , чаҳ дар дили дорӣ ?

باری، ای کافر بی رحم، چه در دل داری؟

Ки нёсуд дили ҳеҷ мусулмон аз ту

که نیاسود دل هیچ مسلمان از تو

Ҷайби гули перҳанон чок шуд аз дасти ғамат

جیب گل پیرهنان چاک شد از دست غمت

Варна будӣ ҳамаро сари бгрибон аз ту

ورنه بودی همه را سر بگریبان از تو

Нест ин ғунчаи хандон ки шкФтсти ббоғ

نیست این غنچه خندان که شکفته‌ست به باغ

Дили хунини ҷгронсти парешон аз ту

دل خونین جگرانست پریشان از تو

Ғунча дар боғи зи боди саҳар ошуфта набӯд

غنچه در باغ ز باد سحر آشفته نبود

Балки сад пора дилӣ дошт парешон аз ту

بلکه صد پاره دلی داشت پریشان از تو

Толиби васли турои меҳнат ҳиҷрон шартаст

طالب وصل ترا محنت هجران شرطست

То муяссар нашавад коми дили осон аз ту

تا میسر نشود کام دل آسان از تو

Он парӣ базм биёрост , ҳилолӣ , бархез

آن پری بزم بیاراست، هلالی، برخیز

Ҷоми ҷами гир , ки шуд малики сулаймон аз ту

جام جم گیر، که شد ملک سلیمان از تو