зи даврӣ то ба кӣ , моро чунин маҳҷӯр май дорӣ ?

ز دوری تا به کی، ما را چنین مهجور می‌داری؟

Вагар наздик меоем ту худро давр май дорӣ

وگر نزدیک می‌آیم تو خود را دور می‌داری

Табиби ман туе , аммо марои бемор май хоҳӣ

طبیب من تویی، اما مرا بیمار می‌خواهی

Давои ман туе , аммо марои ранҷур май дорӣ

دوای من تویی، اما مرا رنجور می‌داری

Ба нури худ шабӣ равшан накардӣ маҷлиси мо ро

به نور خود شبی روشن نکردی مجلس ما را

Чароғи ошноиро чаро бенур май дорӣ ?

چراغ آشنایی را چرا بی‌نور می‌داری؟

Магари кайфияти ранҷи хумор , эй ҷон , наме доне

مگر کیفیت رنج خمار، ای جان، نمی‌دانی

Ки моро бе шароби лаъли худ махмур май дорӣ ?

که ما را بی‌شراب لعل خود مخمور می‌داری؟

Ба дастури сегон зини остонам чанд май ронӣ ?

به دستور سگان زین آستانم چند می‌رانی؟

Чаҳ расмаст ин ки ошиқро бидон дастур май дорӣ ?

چه رسم است این که عاشق را بدان دستور می‌داری؟

Ба базми васл ҳозир мекунӣ арбоби ҳишмат ро

به بزم وصل حاضر می‌کنی ارباب حشمت را

Ҳамин мискини ҳилолиро зи худ маҳҷӯр май дорӣ

همین مسکین هلالی را ز خود مهجور می‌داری