Нахли болои ту сар то бқдм ширинаст
نخل بالای تو سر تا به قدم شیرینست
Ин чаҳ нахласт ки ҳам нозук ва ҳам ширинаст ?
این چه نخلست که هم نازک و هم شیرینست!
Бскаҳ чун нешикарии нозуку ширину латиф
بس که چون نیشکری نازک و شیرین و لطیف
Банди банди ту , зи сар то бқдм ширинаст
بند بند تو، ز سر تا به قدم شیرینست
Гарчи дар аҳди ту ширин суханон бисёранд
گرچه در عهد تو شیرین سخنان بسیارند
Каси бширин суханӣ мисли ту кам ширинаст
کس بشیرین سخنی مثل تو کم شیرینست
Дам субҳаст , биё , то қадаҳ аз каф нанаҳем
دم صبحست بیا، تا قدح از کف ننهیم
Ки май талхи дарин як ду се дам ширинаст
که می تلخ درین یک دو سه دم شیرینست
То навиштаст ҳилолии сухани лаъли лабат
تا نوشتهست هلالی سخن لعل لبت
Чун неи қанди саропоӣ қалам ширинаст
چون نی قند سراپای قلم شیرینست
Хониш