Дар кӯй ту омад басарами санги маломат
در کوی تو آمد بسرم سنگ ملامت
Мушкил ки азин кӯй барам ҷони бсломт
مشکل که ازین کوی برم جان بسلامت
Натавон гила аз ҷавру ҷафое ки ту кардӣ
نتوان گله از جور و جفایی که تو کردی
Ҷаври ту карам буду ҷафои ту каромат
جور تو کرم بود و جفای تو کرامت
Имрӯзи дарин шаҳри маро ҳол ғарибаст
امروز درین شهر مرا حال غریبست
Неи рои сафар кардану не рӯй иқомат
نی رای سفر کردن و نی روی اقامت
Шуд сайли сиришками сабаби таънаи мардум
شد سیل سرشکم سبب طعنه مردم
Тӯфон бало дораму дарёии маломат
توفان بلا دارم و دریای ملامت
« қади қомат »у фарёд муаззин накунад гӯш
«قد قامت » و فریاد مؤذن نکند گوش
Он кас ки бФрёд буд зон қаду қомат
آن کس که بفریاد بود زان قد و قامت
эй дил , ки ту имрӯзи гирифтори фироқӣ
ای دل، که تو امروز گرفتار فراقی
Имрӯзи ту кам нест зи фардои қиёмат
امروز تو کم نیست ز فردای قیامت
Бе рӯй ту як чанд агар зист ҳилолӣ
بی روی تو یک چند اگر زیست هلالی
Ҷон медиҳад инак бсди андӯҳу надомат
جان میدهد اینک بصد اندوه و ندامت