Сухани донони ин ширини ҳикоят

سخن دانان این شیرین حکایت

Чунин карданд аз ширини ривоят

چنین کردند از شیرین روایت

Ки : рӯзӣ дар такаллуми пеши Фарҳод

که: روزی در تکلم پیش فرهاد

Лаби ширини шукр бор бикшод

لب شیرین شکر بار بگشاد

Ки : ман ширин ва ширинаст номам

که: من شیرین و شیرینست نامم

зи шаҳд ноб ширинаст комам

ز شهد ناب شیرینست کامم

Лабамро ҳаст шер аз шаҳди хуштар

لبم را هست شیر از شهد خوشتر

Ки бо ҳам хуштар ояд шеру шукр

که با هم خوشتر آید شیر و شکر

Чу Тифлони бскаҳи завқ шер дорам

چو طفلان بسکه ذوق شیر دارم

зи тифлӣ то бокунун ширхорам

ز طفلی تا باکنون شیرخوارم

Мазоқи шер бо табъам сириштанд

مذاق شیر با طبعم سرشتند

Аз он номи маро ширин навиштанд

از آن نام مرا شیرین نوشتند

Маро акнӯн ҳазорон гӯсфандаст

مرا اکنون هزاران گوسفندست

Дарин кӯҳӣ ки чун гардун баландаст

درین کوهی که چون گردون بلندست

Аз онҷо то бад-ӣни ҷои як ду фарсанг

از آنجا تا بدین جا یک دو فرسنگ

Чунон ҷӯӣ бибояд кандан аз санг

چنان جویی بباید کندن از سنگ

Ки ҳаркас ҳар гуҳи онҷои шери дӯшад

که هرکس هر گه آنجا شیر دوشد

Лаби ширинами ин ҷои шери нӯшад

لب شیرینم این جا شیر نوشد

Чу ёбад ҷӯии шери охири саранҷом

چو یابد جوی شیر آخر سرانجام

Туро аз шаҳди ман ширин шавад ком

ترا از شهد من شیرین شود کام

Чу бишунид ин сухан Фарҳод бурҷаст

چو بشنید این سخن فرهاد برجست

Басони кӯҳ дар хизмати камари баст

بسان کوه در خدمت کمر بست

Чу бар кӯҳ озмудӣ теша бар санг

چو بر کوه آزمودی تیشه بر سنگ

Замин ларзон шудӣ фарсанги фарсанг

زمین لرزان شدی فرسنگ فرسنگ

зи захми тешааш сангӣ ки ҷустӣ

ز زخم تیشه اش سنگی که جستی

Маликро бар фалаки шҳпри шикастӣ

ملک را بر فلک شهپر شکستی

Чунон оташи фурӯи ҷустии зи теша

چنان آتش فرو جستی ز تیشه

Ки аз кӯҳи оташи аФшондии ббишаҳ

که از کوه آتش افشاندی ببیشه

Ҳамоно зи оташи он кӯҳи андӯҳ

همانا ز آتش آن کوه اندوه

Саросари санги оташ будӣ он кӯҳ

سراسر سنگ آتش بودی آن کوه

Забони теша чун оташ фишондӣ

زبان تیشه چون آتش فشاندی

Бҳсрт бар забон хеш ронадӣ

بحسرت بر زبان خویش راندی

Ки : чун ман теша оташ карда манзил

که: چون من تیشه آتش کرده منزل

Вале ӯро забони сӯзад , марои дил

ولی او را زبان سوزد، مرا دل

Ҳар он оташ ки ӯро бар забонаст

هر آن آتش که او را بر زبانست

Маро , биллоҳ , дар дил беш аз онаст

مرا، بالله، در دل بیش از آنست

Диламро худ чунин бояд забонӣ

دلم را خود چنین باید زبانی

Ки сӯзамро кунад равшан беоне

که سوزم را کند روشن بیانی

Сабки санг гарон мекунад ва мерафт

سبک سنگ گران میکند و میرفت

Миёни кӯҳ ҷон мекунад ва мерафт

میان کوه جان میکند و میرفت

зи санги хора зоҳир кард ҷӯӣ

ز سنگ خاره ظاهر کرد جویی

Ки бошад пеши ёраши обрӯе

که باشد پیش یارش آبرویی

Чунон ҷӯӣ биравӣ санг пардохт

چنان جویی بروی سنگ پرداخت

Ки дар рӯй замини мушкили тавон сохт

که در روی زمین مشکل توان ساخت

Даравгари қатра ширӣ чакидӣ

دروگر قطره شیری چکیدی

Равон то манзили ширини давидӣ

روان تا منزل شیرین دویدی

Мураттаби сохт онҷои ҳавзи дигар

مرتب ساخت آنجا حوض دیگر

Шуд он як ҷӯии шер , ин ҳавзи кавсар

شد آن یک جوی شیر، این حوض کوثر

Чу ширин дид санъатҳои Фарҳод

چو شیرین دید صنعت های فرهاد

Забон бикшоду гуфто : офарини бод !

زبان بگشاد و گفتا: آفرین باد!

Чаҳ ҷӯии шер ва ҳавзаст инки кундӣ ?

چه جوی شیر و حوضست اینکه کندی؟

Бширинии аҷаби тарҳии Фгндӣ ?

بشیرینی عجب طرحی فگندی؟

Ки донад қимати ҳавзи чунинро ?

که داند قیمت حوض چنین را؟

Ки дорад ғарқи ҳайрати хурдаи байн ро

که دارد غرق حیرت خرده بین را

Ситоиш карду баҳри музди кораш

ستایش کرد و بهر مزد کارش

з гӯш оварад беруни гӯшвораш

ز گوش آورد بیرون گوشوارش

Ки : яъне ҳастам аз ҷони ҳалқа дар гӯш

که: یعنی هستم از جان حلقه در گوش

зи гӯшами ҳалқаро бустон ва бифурӯш

ز گوشم حلقه را بستان و بفروش

Бигуфт : эй ҳалқаи ҳикмати бгўшм

بگفت: ای حلقه حکمت بگوشم

Бсди ҷонгар хрндш кӣ фурушам ?

بصد جان گر خرندش کی فروشم؟

Марои ин ҳалқа шуд тавқи иродат

مرا این حلقه شد طوق ارادت

Шудам сари ҳалқаи асли саодат

شدم سر حلقه اصل سعادت

Аз он зи аҳли саодати гашти Фарҳод

از آن ز اهل سعادت گشت فرهاد

Ки ҳиммати басту ҷӯй шер бикшод

که همت بست و جوی شیر بگشاد

зи ҳиммати санги хоро гар накундӣ

ز همت سنگ خارا گر نکندی

Назар бар лаъли ширин кӣ Фгндӣ ?

نظر بر لعل شیرین کی فگندی؟

Баҳамати кӯҳро аз пеши бардошт

بهمت کوه را از پیش برداشت

Аҷаби сангии зи роҳи хеши бардошт

عجب سنگی ز راه خویش برداشت

Худовандо , марои ҳам ҳимматии даҳ

خداوندا، مرا هم همتی ده

Вазон сарпанҷаамро қӯтии даҳ

وزان سرپنجه ام را قوتی ده

Ки гирами тешаи Фарҳод дар чанг

که گیرم تیشه فرهاد در چنگ

Баҳамати лаъли беруни орм аз санг

بهمت لعل بیرون آرم از سنگ